नई दिल्ली : देश में सोमवार को राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। इनमें बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर सीधा मुकाबला होगा, जबकि सात राज्यों की 26 सीटों पर उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना जताई जा रही है। मतदान के बाद आज ही मतगणना भी की जाएगी।
इन चुनावों में महाराष्ट्र की सात, ओडिशा की चार, तमिलनाडु की छह, पश्चिम बंगाल की पांच, असम की तीन, बिहार की पांच, छत्तीसगढ़ की दो, हरियाणा की दो, हिमाचल प्रदेश की एक और तेलंगाना की दो सीटों पर मतदान होना है।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो जिन सात राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, उनमें से छह राज्यों में भारतीय जनता पार्टी या उसके सहयोगियों की सरकार है। मौजूदा समय में राज्यसभा की 234 सीटों में से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास 134 सांसद हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के बाद राज्यसभा में बीजेपी और एनडीए की ताकत और बढ़ सकती है। दूसरी ओर विपक्ष चार राज्यों में सत्ता में है और उसके पास करीब 80 सांसद हैं।
बिहार में एनडीए को बड़ी उम्मीद
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव हो रहा है और एनडीए को सभी सीटों पर जीत की उम्मीद है। यहां प्रमुख उम्मीदवारों में जेडीयू के नीतीश कुमार, बीजेपी के नितिन नबीन और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और बीजेपी के महासचिव शिवेश कुमार भी मैदान में हैं।
एनडीए के सभी उम्मीदवार अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का समर्थन मिला है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम अध्यक्ष अख्तरुल इमान से बातचीत भी की थी। इसके बाद एआईएमआईएम ने आरजेडी उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को समर्थन देने का फैसला किया है।
ओडिशा में भी सियासी हलचल
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी तेज है। कांग्रेस ने अपने एक विधायक के लापता होने को लेकर चिंता जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, वहीं सभी दल अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हुए हैं।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
