डेस्क: राजस्थान में साध्वी प्रेम बैसा की मौत के मामले में 18 दिन की जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि साध्वी की मौत कार्डियक अरेस्ट और फेफड़ों की बीमारी के कारण हुई।
पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट से पता चला कि धार्मिक कथावाचक लंबे समय से अस्थमा और फेफड़ों की बीमारियों से जूझ रही थीं। कार्डियक अरेस्ट अस्थमा की वजह से हुआ था। पुलिस ने सभी मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों से बातचीत के बाद कहा कि मौत में कोई रहस्यमय तथ्य नहीं है।
पिता के आरोप और आशंका
28 जनवरी को प्रेम बैसा की असामान्य परिस्थितियों में मौत के बाद उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्हें किसी अजनबी द्वारा इंजेक्शन लेने के लिए आश्रम बुलाया गया था। परिवार के अनुसार, इंजेक्शन लेने के बाद उनकी हालत बिगड़ी और वह बेहोश हो गईं। उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सुसाइड नोट जैसी पोस्ट
मौत के कुछ घंटे बाद रात 9.30 बजे उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर सुसाइड नोट जैसी पोस्ट आई, जिसमें “अग्नि परीक्षा,” “गुडबाय,” और “जस्टिस” शब्द थे। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि ये पोस्ट मौत की वास्तविक वजह पर कोई असर नहीं डालती।
पुलिस का कहना है कि साध्वी प्रेम बैसा की मौत स्वाभाविक कारणों से हुई, और इसमें किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि नहीं पाई गई।













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