नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर दोनों देशों के बीच जारी महानिदेशक (डीजी) स्तर की वार्ता के दौरान चर्चा की जा रही है। यह बातचीत नई दिल्ली में आयोजित बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच 57वें डीजी-स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन के तहत हो रही है।
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सीमा पार लोगों को कथित रूप से एक-दूसरे के क्षेत्र में धकेले जाने संबंधी रिपोर्टों पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि ऐसे मुद्दों पर स्थापित द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से चर्चा की जा रही है।
उन्होंने कहा, “बीजीबी और बीएसएफ के बीच डीजी-स्तरीय बैठक चल रही है। यह भारत और बांग्लादेश के बीच एक द्विपक्षीय संवाद है, जिसमें प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। हमें उम्मीद है कि बैठक के निष्कर्षों के बारे में जल्द जानकारी मिलेगी।”
जायसवाल ने कहा कि दोनों देश सीमा संबंधी चिंताओं और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा कर रहे हैं तथा इन्हीं मंचों के माध्यम से समाधान तलाशने का प्रयास कर रहे हैं।
चार दिवसीय यह सम्मेलन सोमवार से शुरू हुआ है और 11 जून तक चलेगा। बैठक में बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा सीमा बाड़ को नुकसान पहुंचाने, बीएसएफ कर्मियों और भारतीय नागरिकों पर हमलों की रोकथाम तथा सीमा पार अपराधों को नियंत्रित करने जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।
इसके अलावा, बांग्लादेशी अपराधियों की भारत में घुसपैठ रोकने, सीमा पर बाड़ निर्माण, बांग्लादेश में सक्रिय भारतीय उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई, सीमा अवसंरचना से जुड़े मुद्दों तथा विश्वास निर्माण उपायों (सीबीएम) पर भी विचार-विमर्श हो रहा है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार कर रहे हैं, जबकि बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी कर रहे हैं।
बीएसएफ-बीजीबी सीमा समन्वय सम्मेलन की पिछली बैठक अगस्त 2025 में ढाका में आयोजित की गई थी।
भारत और बांग्लादेश के बीच वर्ष 1975 में तैयार संयुक्त सीमा दिशानिर्देशों के अनुसार दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच नियमित संपर्क बनाए रखने और प्रशासनिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा करने की व्यवस्था की गई थी। इसी क्रम में दिसंबर 1975 में कोलकाता में दोनों देशों के सीमा बल प्रमुखों की पहली बैठक आयोजित हुई थी।
वर्ष 1993 में दोनों देशों के गृह सचिवों के बीच हुई चर्चा के बाद यह तय किया गया कि बीएसएफ और बीजीबी के महानिदेशकों के बीच बैठकें वर्ष में दो बार आयोजित की जाएंगी। तब से सीमा समन्वय बैठकें बारी-बारी से नई दिल्ली और ढाका में आयोजित की जाती रही हैं, जिनके निष्कर्ष संबंधित सरकारों के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं।
इन बैठकों का उद्देश्य सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाना, आपसी विश्वास को मजबूत करना तथा निरंतर संवाद के माध्यम से साझा चिंताओं का समाधान निकालना है।













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