गुना :गुना जिले के म्याना क्षेत्र में एक पिता को अपनी नाबालिग बेटी के साथ बार-बार बलात्कार करने का दोषी पाया गया। विशेष न्यायाधीश सोनाली शर्मा ने आरोपी को “आखिरी सांस तक जेल में रहने” का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि पीड़िता का बचपन उसके पिता के विश्वासघात से बिखर गया, लेकिन उसने न्याय पाने के लिए अदम्य साहस दिखाया।
मामले का विवरण:
-
पीड़िता केवल 12 साल की थी। आरोपी पिता शराब पीने का आदी था और पीड़िता की मां घर से चली गई थी।
-
पीड़िता ने शुरू में डर के कारण किसी को नहीं बताया। बाद में जब उसकी मां लौटी, उन्होंने मिलकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
-
पुलिस ने पॉक्सो और आईपीसी की संबंधित धाराओं में आरोप तय कर कोर्ट में आरोपपत्र पेश किया।
-
DNA परीक्षण ने भी अपराध की पुष्टि की।
अदालत ने कहा कि बच्ची “टूटी थी, अपनों से हारी थी, पर बिखरी नहीं।” न्यायालय ने पीड़िता की बहादुरी की सराहना की और अपराधी को कठोर सजा सुनाई।
सामाजिक और कानूनी प्रतिक्रिया:
-
देश में न्यायालयें ऐसे मामलों में कड़ा रुख अपना रही हैं। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी को गर्भवती करने वाले पिता को उम्रकैद की सजा बरकरार रखी।
-
जम्मू-कश्मीर में भी इसी तरह के अपराध में पिता को आजीवन कारावास की सजा दी गई।
-
विशेषज्ञों का कहना है कि पिता का सबसे बड़ा कर्तव्य अपनी संतान की सुरक्षा करना है, और इस कर्तव्य का उल्लंघन समाज में गंभीर प्रभाव डालता है।
अदालत का यह फैसला एक स्पष्ट संदेश है कि ऐसे अपराधों में कोई रियायत नहीं होगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
