नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए हैं। सरकार का कहना है कि बजट को अधिक समावेशी, जन-आकांक्षाओं के अनुरूप और विकासोन्मुख बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
सरकार ने MyGov इंडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने विचार और सुझाव साझा करें, ताकि उन्हें बजट निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। सरकार का मानना है कि जनता की भागीदारी से नीतियां अधिक प्रभावी और ज़मीनी जरूरतों के अनुरूप बनेंगी।
सरकारी बयान में कहा गया है कि यह पहल “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत नागरिक विभिन्न क्षेत्रों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कर व्यवस्था, कृषि, उद्योग और सामाजिक कल्याण—से जुड़े सुझाव दे सकते हैं।
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट-पूर्व परामर्श बैठकों में उद्योग जगत, अर्थशास्त्रियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर चुकी हैं। उद्योग संगठनों ने कर सुधार, छोटे और मध्यम उद्यमों को राहत, निवेश को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास में तेजी लाने जैसे सुझाव दिए हैं।
गौरतलब है कि केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में सरकार जनता से मिले सुझावों के आधार पर बजट को अधिक संतुलित और भविष्य-उन्मुख बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।













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