डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ, जिनका मानदेय लगभग दोगुना करने का प्रस्ताव हरी झंडी पाकर लागू होगा। साथ ही, युवाओं को डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर लैपटॉप और टैबलेट वितरण की योजना को भी स्वीकृति मिली।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत
लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह दिन ऐतिहासिक है। कैबिनेट ने उनके मासिक मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये करने का प्रस्ताव मंजूर किया। वहीं, अनुदेशकों का मानदेय भी 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया। इस निर्णय से करीब दो लाख परिवारों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। बढ़ा हुआ मानदेय शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को एक अप्रैल से मिलेगा और मई के वेतन में शामिल होगा।
25 लाख युवाओं को डिजिटल सौगात
‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के तहत सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 25 लाख छात्रों को टैबलेट और करीब डेढ़ लाख मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने का निर्णय लिया है। इसके लिए बिड प्रक्रिया और खरीद की शर्तों को भी अंतिम रूप दे दिया गया है।
विस्थापित परिवारों को भूमिधर का हक
कैबिनेट ने भारत-पाक विभाजन के समय आए विस्थापितों और CAA के तहत पात्र परिवारों को उनकी काबिज भूमि पर मालिकाना अधिकार देने का प्रस्ताव मंजूर किया। इसके लिए ‘उत्तर प्रदेश रेवेन्यू कोड 2006’ की धारा 80 में संशोधन के लिए अध्यादेश 2026 को स्वीकृति दी गई। रामपुर में 2174, पीलीभीत में 4000, खीरी में 2340 और बिजनौर में 3856 परिवार इसका लाभ उठाएंगे।
परिवहन और बुनियादी ढांचे में सुधार
पीपीपी मॉडल के तहत 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी गई, जिससे 52 जनपदों को कवर किया जाएगा। ये बस अड्डे हवाई अड्डों जैसी सुविधाओं से सुसज्जित होंगे। इसके अलावा हाथरस (सिकंदराराऊ), बुलंदशहर (नरौरा) और बलरामपुर (तुलसीपुर) में नए बस स्टेशनों और डिपो के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग की जमीन परिवहन निगम को नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएगी।
नए पुलों का निर्माण
कन्नौज में गंगा नदी और कुशीनगर में नारायणी नदी (भैंसहा घाट) पर लंबे पुलों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति मिली है।
निवेश और शिक्षा में प्रोत्साहन
औद्योगिक विभाग के आठ निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ‘औद्योगिक निवेश नीति 2022’ के तहत निवेशकों को सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। गोरखपुर में फॉरेस्ट एंड हॉर्टीकल्चर यूनिवर्सिटी और केम्पियरगंज में विश्वविद्यालय का निर्माण किया जाएगा, जिसका अनुमानित खर्च 491 करोड़ रुपये है।
सामाजिक न्याय और मूर्तियों का संवर्धन
‘बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के तहत विभिन्न स्थानों पर मूर्तियों का सुंदरीकरण किया जाएगा, छत्र लगाए जाएंगे और पार्कों की सीमा निर्धारण किया जाएगा। वाल्मिकी और अन्य सामाजिक न्याय के महापुरुषों की मूर्तियों का भी संवर्धन किया जाएगा। इस योजना के लिए कुल 403 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।













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