डेस्क : मध्य-पूर्व में जारी तनाव और युद्ध के कारण क्षेत्र का पर्यटन उद्योग गहरे संकट में है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में 11 से 27 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। इससे पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले वर्ष दिसंबर तक क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में सुधार की उम्मीदें थीं, लेकिन वर्तमान संघर्ष ने सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अनुमान है कि इस संकट के कारण 23 से 38 मिलियन पर्यटक कम आएंगे और पर्यटन उद्योग को 34 से 56 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है।
📉 प्रमुख प्रभाव
- संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख शहरों, जैसे दुबई और अबू धाबी में हजारों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और होटल बुकिंग में 80% तक रद्दीकरण देखने को मिला है।
- खाड़ी क्षेत्र के एयर ट्रांज़िट हब प्रभावित होने से यात्रियों की आवाजाही ठप हो गई है।
- कतर, इजरायल और सऊदी अरब में होटल और धार्मिक पर्यटन में भारी गिरावट आई है।
- लेबनान, जॉर्डन और मिस्र जैसे देशों में भी अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वर्तमान तनाव जारी रहता है, तो मध्य-पूर्व के पर्यटन उद्योग को दीर्घकालिक प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार, होटल कारोबार और यात्रा‑सेवाएं और अधिक प्रभावित होंगी।
🌍 वैश्विक संदर्भ
- कई देशों के नागरिक फंसे हुए हैं और एयरलाइनों ने विशेष उड़ानों का संचालन कर सुरक्षित निकासी की कोशिश की है।
- विश्व स्तर पर यात्रा‑बाजार में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे एयरलाइन स्टॉक में गिरावट और हजारों उड़ानों के रद्द होने की स्थिति बनी है।
- कई सरकारें अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष योजनाएं चला रही हैं।
इस संकट ने न केवल मध्य-पूर्व के पर्यटन उद्योग को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक यात्रा और व्यापार पर भी गहरा असर डाला है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
