पैरिस। फ्रांस में ओलंपिक खेलों की शुरुआत हो गई है। स्टेडियम में होने वाली देशों की परेड की परंपरा से अलग यहां छह किलोमीटर की परेड आस्टरलिज ब्रिज से शुरू हुई जिसमें 85 नावों में 205 देशों के 6800 से अधिक खिलाड़ी सवार थे और एक शरणार्थी ओलंपिक टीम भी थी । वहीं बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने शनिवार को स्पर्धायें होने के कारण उद्घाटन समारोह में भाग नहीं लिया। इसी बीच उद्घाटन समारोह में एक बात को लेकर दक्षिण कोरिया ने आपत्ति जताई है। दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों का परिचय उत्तर कोरिया के नाम से करा दिया गया था। इसे बाद दक्षिण कोरिया ने आयोजकों से कहा कि दोबारा इस तरह की गलती ना करें।
इसके बाद ओलंपिक कमेटी की ओर से कहा गया, हमें इस बात पर खेद है कि उद्घाटन समारोह के दौरान दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया के नाम से इंट्रोड्यूस करा दिया गया। दक्षिण कोरिया ने इस बात को तुरंत गंभीरता से लिया और अपना संदेश ओलंपिक कमेटी को पहुंचा दिया। बता दें कि दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधइमंडल में 143 एथलीट हैं जो कि 21 इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं। रियो 2016 के बाद पहली बार दक्षिण कोरिया की टीम ओलंपिक में हिस्सा ले रही है।
फ्रांस की वर्णमाला के क्रम के अनुसार टीमों का आगमन हुआ । पहले ओलंपिक खेलों के जनक यूनान का दल आया जिसके बाद शरणार्थी टीम आई। मेजबान फ्रांस का दल सबसे आखिर में आया जिसका प्रशंसकों ने जबर्दस्त करतल ध्वनि से स्वागत किया ।
भारतीय दल की अगुवाई दो ध्वजवाहकों दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू और टेबल टेनिस दिग्गज अचंत शरत कमल ने की । भारतीय दल 84वें नंबर पर आया । महिला खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों से बनी साड़ी और पुरूषों ने कुर्ता पायजामा पहना था । भारत के 78 खिलाड़ियों और अधिकारियों ने इसमें भाग लिया ।













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