मुंबई:शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शुक्रवार को आक्रामक अंदाज में दिखाई दिए और एकनाथ शिंदे सरकार की पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि वह राजनीति में न पड़े। वह भायकला स्थित शिवसेना दफ्तर पहुंचे थे, जहां उन्होंने शिवसेना के कार्यकर्ता बबन गांवककर से मुलाकात की, जिसे पर गुरुवार रात को कुछ अज्ञात लोगों ने अटैक कर दिया था। भायकला विधानसभा से यामिनी जाधव विधायक हैं, जो एकनाथ शिंदे ग्रुप की सदस्य हैं। ऐसे में इस इलाके में हुई घटना उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच जमीनी संघर्ष को बढ़ावा दे सकती है और शिवसेना में बड़ा टकराव देखने को मिल सकता है।
पुलिस को कार्यकर्ताओं के आगे लगाई फटकार
उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद कहा, ‘शिवसैनिकों की जिंदगी से खेलने की कोशिश को तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि पुलिस ऐक्शन नहीं ले सकती है तो फिर सेना के वर्कर खुद से यह काम करेंगे। पुलिस को राजनीति में नहीं पड़ना चाहिए।’ इस दौरान शिवसैनिकों ने उद्धव ठाकरे से शिकायक की कि पुलिस ने कोई ऐक्शन नहीं लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास जब हम गए तो उसने पूछा कि आप उद्धव ठाकरे के सिपाही हैं या फिर एकनाथ शिंदे के सिपाही हैं, लेकिन कोई ऐक्शन नहीं लिया। अब तक हमला करने वाले लोगों को पकड़ा नहीं जा सका है।
अब तक किसी ने नहीं दिखी ऐसी राजनीति, यह तो बदला है
इस पर गुस्सा जाहिर करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह राजनीति अब तक किसी ने नहीं देखी, यह बदले की राजनीति है। उन्होंने पुलिस से कार्यकर्ताओं के आगे ही सवाल करते हुए कहा कि जब शिकायत हुई थी तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर किसी को कुछ हुआ तो आप जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर शिवसैनिकों के जिंदगी से कोई खिलवाड़ होने वाला है तो हम चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसी शिवसैनिक का बालबांका भी हुआ तो हम चुप नहीं रहेंगे।
उद्धव ठाकरे का सवाल- कब तक पकड़ से दूर रहेंगे हमलावर
आमतौर पर शांत नजर आने वाले उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘मैं शांति का आह्वान कर रहा हूं ताकि शिवसैनिकों का खून न बहे। लेकिन इस तरह की राजनीति आज तक किसी ने नहीं देखी। यह बदले की राजनीति है।’ उन्होंने पुलिस से पूछा कि हमला करने वालों की आखिर कब तक तलाश चलेगी? अब तक उन लोगों को पकड़ा क्यों नहीं जा सका है?













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