जयपुर : आध्यात्मिक चेतना और आत्मचिंतन का संदेश देते हुए श्वेताम्बर मुनिश्री तत्त्व रुचि जी “तरुण” ने कहा कि मनुष्य अपनी समस्याओं का समाधान बाहर खोजता रहता है, जबकि वास्तविक समाधान उसके अपने भीतर मौजूद है। जब तक व्यक्ति स्वयं को नहीं पहचानता, तब तक जीवन की उलझनों का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
टोंक रोड स्थित कीर्तिनगर के पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित “अध्यात्म और आत्म साक्षात्कार” विषयक प्रवचन कार्यक्रम में मुनिश्री तत्त्व रुचि जी “तरुण” ने जैन आगमों के आधार पर आत्मसाक्षात्कार की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। कार्यक्रम में दिगम्बर और श्वेताम्बर दोनों परंपराओं के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुनिश्री जी ने कहा कि आत्मसाक्षात्कार की यात्रा में सबसे पहले शरीर को साधना आवश्यक है, क्योंकि यही मन और आत्मा का आधार है। उन्होंने कायोत्सर्ग साधना को शरीर की चंचलता और आसक्ति को दूर करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि शरीर और मन को साधने का सरल उपाय श्वास की जागरूकता है। श्वास के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर की ऊर्जा को संतुलित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि दीर्घ श्वास गुस्से और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का प्रभावी समाधान है। श्वास प्रेक्षा साधना से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य संतुलित होता है, जिससे आत्मिक विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ने प्रेरक संदेश देते हुए कहा, “समाधान हमारे भीतर है और हम उसे बाहर खोज रहे हैं। जब तक दृष्टि बाहर रहेगी, तब तक समस्या बनी रहेगी। स्वयं के भीतर उतरने पर ही वास्तविक समाधान प्राप्त होता है।”
इस अवसर पर मुनिश्री संभव कुमार जी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाहर समाधान खोजने वाला व्यक्ति अंततः निराश होता है, जबकि जो व्यक्ति स्वयं को खोजता है, वही जीवन के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा, “बाहर खोजा वह हार गया, भीतर खोजा वह पार गया।”
कार्यक्रम का शुभारंभ तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ प्रभु की स्तुति के साथ हुआ। इसके पश्चात ध्यान, जप और आध्यात्मिक साधना के प्रयोग कराए गए। एक दिवसीय प्रत्याख्यान एवं मंगल पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इससे पूर्व मुनि द्वय ने शनिवार सुबह 6:15 बजे बरकत नगर से विहार किया। देव नगर और कीर्तिनगर होते हुए वे टोंक रोड स्थित वसुंधरा कॉलोनी पहुंचे, जहां स्थानीय श्रद्धालुओं ने संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुनिश्री तत्त्व रुचि जी “तरुण” एवं मुनिश्री संभव कुमार जी का प्रवास वसुंधरा कॉलोनी में श्री सुरेश चन्द्र जी कावड़िया के निवास पर चल रहा है। रविवार को भी मुनि द्वय का प्रवास वसुंधरा कॉलोनी में ही रहेगा।













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