डेस्क:दिल्ली के विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने की तैयारी है। विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने विधायकों के वेतन-भत्ते और अन्य सुविधाओं की समीक्षा और उचित अनुशंसा के लिए एडहॉक कमिटी का गठन किया। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य वर्तमान वेतन व भत्तों की स्थिति की जांच करना और उसमें संभावित संशोधनों पर विचार करना है, ताकि विधायकों को उपयुक्त सुविधाएं मिल सकें। विधायकों का वेतन बढ़ाने के मुद्दे पर सत्ता और विपक्षी विधायकों के सुर एक नजर आए।
इससे पहले सदन में विशेष उल्लेख के दौरान डाटा एंट्री ऑपरेटरों की संख्या दो से बढ़ाकर चार करने और उनके वेतन में इजाफे को लेकर हो रही चर्चा के दौरान विधायकों के वेतन-भत्ते का मुद्दा भी सदस्यों ने उठाया। आप विधायक संजीव झा ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है, लेकिन यहां के विधायकों का मानदेय सबसे कम है। देश की अन्य विधानसभाओं का अध्ययन करके उसी अनुपात में दिल्ली के विधायकों का मानदेय भी तय किया जाना चाहिए।
विधायक विशेष रवि ने कहा कि अगर विधायक को बिना किसी वित्तीय परेशानी के काम करना है, तो अच्छा वेतन मिलना उसका अधिकार है। अनिल झा ने कहा कि पूर्व विधायकों के लिए भी चिंता की जानी चाहिए। पूर्व विधायकों की पेंशन भी अन्य विधानसभाओं के अनुपात में बढ़ाई जानी चाहिए। भाजपा विधायक कुलवंत राणा ने भी कहा कि दिल्ली के विधायकों को सम्मानजनक वेतना मिलना चाहिए। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने विधायकों की चिंता को स्वीकार किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को कमिटी के जरिए देखेगी।
विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सदस्यों की भावनाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एडहॉक समिति का गठन करने का निर्मय लिया जा रहा है। पांच सदस्यीय एडहॉक समिति के अध्यक्ष अभय वर्मा होंगे। सूर्य प्रकाश खत्री, पूनम शर्मा, संजीव झा और विशेष रवि को इसका सदस्य बनाया गया है। इन सदस्यों को विभिन्न पहलुओं पर विचार करके निष्पक्ष और संतुलित अनुशंसा देने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति विधायकों के कार्यभार, जिम्मेदारियों और आवश्यक संसाधनों को ध्यान में रखते हुए समीक्षा करेगी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि समिति अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करेगी।
फिलहाल 90 हजार रुपये है वेतन
दिल्ली में फिलहाल विधायकों का वेतन लगभग 90 हजार रुपये है। मार्च 2023 में विधायकों के वेतन में लगभग 67 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। उससे पहले विधायकों को 54 हजार रुपये के लगभग वेतन मिलता था। दिल्ली विधानसभा में जुलाई 2022 में विधायकों-मंत्रियों और मुख्यमंत्री के वेतन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया था। प्रस्ताव को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद मार्च 2023 में वेतन बढ़ाने की अधिसूचना जारी की गई थी।
दो की बजाय मिलेंगे चार डाटा एंट्री ऑपरेटर
दिल्ली के विधायकों को अब दो की बजाय चार डाटा एंट्री ऑपरेटर मिल सकते हैं। इन ऑपरेटरों का मानदेय भी बढ़ाया जा सकता है। विधानसभा में भाजपा विधायक सूर्य प्रकाश खत्री ने इससे जुड़ा प्रस्ताव रखा। खत्री ने कहा कि श्रम कानूनों के तहत गैर कुशल श्रमिक को 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए। अभी पंद्रह हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है।
मॉनसून सत्र में कागज रहित होगी विधानसभा
दिल्ली विधानसभा का आगामी मानसून सत्र कागज रहित होगा। बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि 100 दिन के भीतर ई-विधानसभा परियोजना को लागू कर दिया जाएगा। इस परियोजना के तहत विधायकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 22 मार्च को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग पर हस्ताक्षर किए हैं। परियोजना का पूरा फंड केंद्र सरकार देगी। ई-विधानसभा परियोजना से सदन की कार्रवाई ऑनलाइन और कागज रहित हो जाएगी।













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