नई दिल्ली:आर्थिक मोर्चे पर दो अहम खबरें आई हैं। दरअसल, आठ कोर इंडस्ट्रीज का उत्पादन जून महीने में 12.7 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल पहले की इसी महीने में इसमें 9.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। वहीं, राजकोषीय घाटा उम्मीद से बढ़कर ₹3.51 लाख करोड़ हो गया, जो पूरे साल के लक्ष्य का 21.2% है।
कोर इंडस्ट्रीज के आंकड़े: आठ कोर इंडस्ट्रीज-कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली के उत्पादन में मई 2022 में 19.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। जून महीने में कोयला, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, सीमेंट और बिजली उत्पादन क्रमश: 31.1 प्रतिशत, 15.1 प्रतिशत, 8.2 प्रतिशत, 19.4 प्रतिशत और 15.5 प्रतिशत बढ़ा।
राजकोषीय घाटा: यह लक्ष्य का 21.2% है, जो एक साल पहले की इसी अवधि में 18.2 प्रतिशत था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 की पहली तिमाही के अंत में राजकोषीय घाटा 3.51 लाख करोड़ रुपये था। सरकार का राजकोषीय घाटा 2022-23 के लिए 16,61,196 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। आपको बता दें कि राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय और राजस्व के बीच के अंतर को दर्शाता है।













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