• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
ब्रह्मोस के सामने क्यों कमजोर पड़ रही पाकिस्तान की मिसाइल शक्ति

ब्रह्मोस के सामने क्यों कमजोर पड़ रही पाकिस्तान की मिसाइल शक्ति

May 16, 2026
हादसे, हत्याएं और सत्ता: महाराष्ट्र की राजनीति का अनकहा इतिहास

हैदराबाद मर्डर केस: पोक्सो आरोपी ने की 6 लोगों की बेरहमी से हत्या, इलाके में हड़कंप

July 11, 2026
होली-दीवाली पर राशन कार्ड धारकों को मिलेगा फ्री गैस सिलेंडर

एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी, घरेलू गैस की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं

July 11, 2026
बजट से पहले पेट्रोल-डीजल महंगा होने के संकेत, एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार

पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल 88.66 रुपये प्रति लीटर

July 11, 2026
भारत ए और नेपाल के बीच होगी टी-20 जंग, तीन मैचों की सीरीज का ऐलान

भारत ए और नेपाल के बीच होगी टी-20 जंग, तीन मैचों की सीरीज का ऐलान

July 11, 2026
भारतीय महिला क्रिकेट का गौरव बढ़ा, स्मृति मंधाना ने 300 मैच पूरे कर रचा नया इतिहास

लॉर्ड्स में बना रिकॉर्ड, स्मृति मंधाना ने पूरे किए 300 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले

July 11, 2026
मानसून की रफ्तार तेज, 10 जुलाई को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देशभर में मानसून का जोर, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

July 11, 2026
नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से भड़के समर्थक, दतिया में सड़क पर उतरा गुस्सा

नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से भड़के समर्थक, दतिया में सड़क पर उतरा गुस्सा

July 11, 2026
पिता की मौत मामले में नया मोड़, आयुषी पर भी लगे गंभीर आरोप

पिता की मौत मामले में नया मोड़, आयुषी पर भी लगे गंभीर आरोप

July 11, 2026
पवार पर टिप्पणी से नाराज सुप्रिया सुले, राउत को अजित पवार प्रकरण की दिलाई याद

पवार पर टिप्पणी से नाराज सुप्रिया सुले, राउत को अजित पवार प्रकरण की दिलाई याद

July 11, 2026
भाजपा का सियासी प्लान तैयार, मुख्यमंत्री पद के चेहरे का ऐलान नहीं करेगी पार्टी

भाजपा का सियासी प्लान तैयार, मुख्यमंत्री पद के चेहरे का ऐलान नहीं करेगी पार्टी

July 11, 2026
पवार-फडणवीस मुलाकात से गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति, बढ़ी सियासी अटकलें

विपक्षी एकता की अग्निपरीक्षा, शरद पवार की भूमिका बनी सियासी चर्चा का केंद्र

July 11, 2026
वन नेशन, वन इलेक्शन पर बढ़ी हलचल, 2029 तक लागू होने की संभावना पर मंथन तेज

वन नेशन, वन इलेक्शन पर बढ़ी हलचल, 2029 तक लागू होने की संभावना पर मंथन तेज

July 11, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Saturday, July 11, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home ओपिनियन

ब्रह्मोस के सामने क्यों कमजोर पड़ रही पाकिस्तान की मिसाइल शक्ति

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
May 16, 2026
in ओपिनियन
Reading Time: 1 min read
A A
0
ब्रह्मोस के सामने क्यों कमजोर पड़ रही पाकिस्तान की मिसाइल शक्ति

The image was created by ChatGPT

दक्षिण एशिया की सामरिक राजनीति में मिसाइलें केवल हथियार नहीं होतीं, वे राष्ट्र की वैज्ञानिक क्षमता, रणनीतिक आत्मविश्वास और सैन्य तैयारी का प्रतीक भी बन जाती हैं। यही कारण है कि जब भारत की ब्रह्मोस मिसाइल का नाम लिया जाता है, तो उसके पीछे केवल एक सुपरसोनिक हथियार नहीं, बल्कि दशकों की तकनीकी साधना, सैन्य अनुशासन और आत्मनिर्भर रक्षा नीति की शक्ति दिखाई देती है। दूसरी ओर पाकिस्तान की नई “फतह-3” मिसाइल को लेकर जितना प्रचार किया जा रहा है, वह वास्तविक सामरिक संतुलन से अधिक मनोवैज्ञानिक संतुलन बनाने का प्रयास प्रतीत होता है।

“ऑपरेशन सिंदूर” के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि आखिर पाकिस्तान भारत की मिसाइल शक्ति की बराबरी क्यों नहीं कर पा रहा। इसका उत्तर केवल मिसाइल की गति या उसकी रेंज में नहीं छिपा है, बल्कि उस सम्पूर्ण रक्षा पारिस्थितिकी में है जिसे भारत ने पिछले दो दशकों में निरंतर विकसित किया है। ब्रह्मोस आज केवल एक मिसाइल नहीं, बल्कि भारतीय सैन्य सिद्धांत का सक्रिय हिस्सा बन चुकी है। सेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों में इसकी तैनाती भारत को बहुआयामी आक्रमण क्षमता प्रदान करती है।

पाकिस्तान की समस्या यह है कि वह अक्सर तकनीक को शक्ति का पर्याय मान लेता है, जबकि आधुनिक युद्ध में तकनीक से अधिक महत्वपूर्ण उसका विश्वसनीय संचालन, नेटवर्किंग और युद्धक्षेत्र में उसकी वास्तविक उपयोगिता होती है। फतह-3 को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद पाकिस्तान के पास वह सैन्य ढांचा नहीं दिखता, जो किसी मिसाइल प्रणाली को दीर्घकालिक रणनीतिक बढ़त में बदल सके। रक्षा विशेषज्ञ लगातार यह संकेत देते रहे हैं कि पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम चीन और अन्य विदेशी तकनीकों पर अत्यधिक निर्भर है। ऐसी स्थिति में स्वदेशी अनुसंधान की गहराई और तकनीकी आत्मनिर्भरता सीमित रह जाती है।

भारत ने इसके विपरीत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को केवल नारे तक सीमित नहीं रखा। ब्रह्मोस की सफलता के पीछे भारतीय वैज्ञानिक संस्थानों, रक्षा अनुसंधान संगठनों और सैन्य नेतृत्व का दीर्घकालिक समन्वय है। यही कारण है कि आज ब्रह्मोस की मारक क्षमता, उसकी सटीकता और इलेक्ट्रॉनिक प्रतिरोध क्षमता विश्व स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। इसकी गति शत्रु की प्रतिक्रिया का समय लगभग समाप्त कर देती है और यही उसकी सबसे बड़ी रणनीतिक शक्ति है।

वास्तविकता यह भी है कि आधुनिक युद्ध अब केवल सीमाओं पर लड़ाई नहीं रह गया है। यह तकनीक, साइबर क्षमता, एयर डिफेंस नेटवर्क और रियल टाइम इंटेलिजेंस का संयुक्त संघर्ष बन चुका है। भारत ने एस-400, आकाश और अन्य बहुस्तरीय रक्षा प्रणालियों के माध्यम से एक ऐसा सुरक्षा कवच तैयार किया है, जिसने उसकी आक्रामक शक्ति को और अधिक प्रभावी बना दिया है। पाकिस्तान के लिए चुनौती केवल ब्रह्मोस जैसी मिसाइल बनाना नहीं, बल्कि उसके समकक्ष सम्पूर्ण रक्षा संरचना विकसित करना है।

आज भारत जिस आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंचों पर अपनी रक्षा क्षमता प्रदर्शित कर रहा है, वह केवल हथियारों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि बदलते भारत की रणनीतिक सोच का संकेत है। वहीं पाकिस्तान अब भी सामरिक प्रतिस्पर्धा में प्रतिक्रियात्मक नीति पर अधिक निर्भर दिखाई देता है। फतह-3 का प्रचार इसीलिए अधिक शोर पैदा करता है, क्योंकि उसके पीछे वह भरोसा और परीक्षण की परिपक्वता अभी दिखाई नहीं देती, जो ब्रह्मोस ने वर्षों में अर्जित की है।

दक्षिण एशिया में स्थायी शांति का मार्ग हथियारों की दौड़ नहीं हो सकता, लेकिन यह भी उतना ही सत्य है कि शांति की रक्षा के लिए शक्ति आवश्यक होती है। भारत ने इसी सिद्धांत को अपनाते हुए अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत किया है। ब्रह्मोस उसी शक्ति, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक परिपक्वता का प्रतीक बन चुकी है, जिसकी प्रतिध्वनि अब पूरे क्षेत्र में सुनाई दे रही है।

Previous Post

आधुनिक युद्ध में ड्रोन बने ‘आसमान के बाज के पंजे’: वायुसेना प्रमुख ए.पी. सिंह

Next Post

पेट्रोल-डीजल महंगा, नए दाम लागू; आम आदमी पर बढ़ेगा बोझ

Next Post
बजट से पहले पेट्रोल-डीजल महंगा होने के संकेत, एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार

पेट्रोल-डीजल महंगा, नए दाम लागू; आम आदमी पर बढ़ेगा बोझ

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • हैदराबाद मर्डर केस: पोक्सो आरोपी ने की 6 लोगों की बेरहमी से हत्या, इलाके में हड़कंप
  • एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी, घरेलू गैस की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं
  • पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल 88.66 रुपये प्रति लीटर
  • भारत ए और नेपाल के बीच होगी टी-20 जंग, तीन मैचों की सीरीज का ऐलान
  • लॉर्ड्स में बना रिकॉर्ड, स्मृति मंधाना ने पूरे किए 300 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In