• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
शिवलिंग के आगे तीन बार ताली क्यों बजाते हैं?

शिवलिंग के आगे तीन बार ताली क्यों बजाते हैं?

July 25, 2025
ममता बनर्जी

एग्जिट पोल पर ममता बनर्जी का प्रहार, बोलीं—टीएमसी 226 से अधिक सीटें जीतकर बनाएगी सरकार

April 30, 2026
यात्रियों की नाक से बहने लगा खून, कान में दर्द; विमान में अफरा-तफरी

एटीएफ दरों पर सरकार का अगला कदम आज, एयरलाइंस में बेचैनी

April 30, 2026
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पवन खेड़ा, असम सीएम की पत्नी से जुड़े केस में नई कानूनी जंग

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

April 30, 2026
वंदे मातरम् पर सियासत तेज, संजय सिंह ने भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना

सियासत में हलचल: संदीप पाठक के जाने पर संजय सिंह का बड़ा बयान

April 30, 2026
वेपिंग विवाद में फंसे रियान पराग, मैच फीस का 25% जुर्माना; आगे सख्त कार्रवाई संभव

वेपिंग विवाद में फंसे रियान पराग, मैच फीस का 25% जुर्माना; आगे सख्त कार्रवाई संभव

April 30, 2026
समय-प्रबंधन से ही मिलती है सफलता : मुनि श्री तत्त्व रुचि ‘तरुण’

समय-प्रबंधन से ही मिलती है सफलता : मुनि श्री तत्त्व रुचि ‘तरुण’

April 30, 2026
हुबली में पत्नी के अत्याचार से तंग आकर आत्महत्या, सुसाइड नोट में आरोप

इंदौर में दर्दनाक घटना: पॉकेट मनी को लेकर नाराज 16 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या

April 30, 2026
प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू की वाराणसी, बजट ₹1300 करोड़

खुद से भी प्रतिस्पर्धा करती हूं, हर चुनौती से सीखकर आगे बढ़ती हूं: प्रियंका चोपड़ा

April 30, 2026
बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा: एक और हत्या से गहराया संकट

अहमदाबाद में 34 साल पुराने मर्डर केस का खुलासा

April 30, 2026
अज्ञात हमलावरों का हमला, सलमान अजहर पाकिस्तान में ढेर

अज्ञात हमलावरों का हमला, सलमान अजहर पाकिस्तान में ढेर

April 30, 2026
विक्रम दोराईस्वामी ने राष्ट्रपति मुर्मू को प्रस्तुत किए परिचय पत्र, बने चीन में भारत के नए राजदूत

विक्रम दोराईस्वामी ने राष्ट्रपति मुर्मू को प्रस्तुत किए परिचय पत्र, बने चीन में भारत के नए राजदूत

April 30, 2026
“भारतीय क्रिकेट की जीत की लय जारी रहेगी” : रोहित शर्मा

रोहित शर्मा के जन्मदिन पर बीसीसीआई ने दी शुभकामनाएं, करियर के शानदार आंकड़ों का किया जिक्र

April 30, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Thursday, April 30, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home आराधना-साधना

शिवलिंग के आगे तीन बार ताली क्यों बजाते हैं?

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
July 25, 2025
in आराधना-साधना
Reading Time: 1 min read
A A
0
शिवलिंग के आगे तीन बार ताली क्यों बजाते हैं?

Image Courtesy: Google

भारतीय सनातन परंपरा में हर कर्म, हर प्रतीक और हर ध्वनि के पीछे कोई न कोई गूढ़ तात्पर्य निहित होता है। ऐसी ही एक परंपरा है—शिवलिंग के समक्ष तीन बार ताली बजाना। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, अपितु आत्मचेतना से जुड़ा एक गहन संकेत है। आइए, इस परंपरा को उसके मूल भावों के साथ समझने का प्रयास करें।

1. आत्म-जागरण का आह्वान

ताली बजाना एक प्रकार का चेतना-संकेत है। जब कोई भक्त शिवलिंग के समक्ष तीन बार ताली बजाता है, तो वह अपने भीतर की निद्रा, भ्रम और आलस्य को तोड़ने का प्रयास करता है। यह शरीर, मन और आत्मा—इन तीनों को एकसूत्र में बांधकर ईश्वर की ओर उन्मुख करने का प्रतीक है।

2. ध्वनि से ऊर्जा शुद्धिकरण

सनातन धर्म में ध्वनि को ‘नाद ब्रह्म’ कहा गया है। ताली की तीव्र ध्वनि एक प्रकार की कंपन (वाइब्रेशन) उत्पन्न करती है, जिससे पूजा स्थल का वातावरण शुद्ध होता है। यह ध्वनि नकारात्मक ऊर्जाओं को छिन्न-भिन्न कर, एक सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है।

3. त्रिकाल—भूत, वर्तमान और भविष्य का प्रतीक

तीन बार ताली बजाना, समय के तीन आयामों का बोध कराता है—भूतकाल, वर्तमान और भविष्य। यह उस पूर्ण समर्पण का संकेत है, जिसमें भक्त शिव से प्रार्थना करता है कि उसके जीवन के ये तीनों काल शिवमय हो जाएँ, अर्थात् समर्पित, शुद्ध और संतुलित रहें।

4. प्रभु का आह्वान और साधक की उपस्थिति

प्राचीन वैदिक परंपरा में, किसी देवता के पूजन से पूर्व ध्वनि के माध्यम से उनका आवाहन किया जाता था। ताली एक सरल, किन्तु प्रभावशाली माध्यम है, जिससे साधक प्रभु शिव को संबोधित करता है—”मैं उपस्थित हूँ, मेरी अर्पण भावना स्वीकार कीजिए।” यह स्वयं साधक के लिए भी एक चेतावनी है कि अब वह अपने चित्त को एकाग्र करे।

5. शरीर के ऊर्जा बिंदुओं का सक्रियण

आयुर्वेद और योगशास्त्र के अनुसार, हथेलियों पर कई प्रमुख ऊर्जा केंद्र (pressure points) होते हैं। जब हम ताली बजाते हैं, तो वे बिंदु सक्रिय होते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह संतुलित होता है और मानसिक स्पष्टता उत्पन्न होती है। यह क्रिया साधना के लिए उपयुक्त मानसिक स्थिति निर्मित करती है।

निष्कर्ष:-शिवलिंग के समक्ष तीन बार ताली बजाना कोई साधारण परंपरा नहीं है। यह आत्मचेतना, समय की मर्यादा, ध्वनि की शक्ति और प्रभु से संवाद का एक सुंदर माध्यम है। जब अगली बार आप ताली बजाएँ, तो इस क्रिया को केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक आंतरिक जागरण के रूप में अनुभव कीजिए।

हर हर महादेव।
ॐ नमः शिवाय।

Previous Post

25 जुलाई 2025 का राशिफल

Next Post

सफलता की पहली सीढ़ी: प्रातः जागरण

Next Post
सफलता की पहली सीढ़ी: प्रातः जागरण

सफलता की पहली सीढ़ी: प्रातः जागरण

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • एग्जिट पोल पर ममता बनर्जी का प्रहार, बोलीं—टीएमसी 226 से अधिक सीटें जीतकर बनाएगी सरकार
  • एटीएफ दरों पर सरकार का अगला कदम आज, एयरलाइंस में बेचैनी
  • पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
  • सियासत में हलचल: संदीप पाठक के जाने पर संजय सिंह का बड़ा बयान
  • वेपिंग विवाद में फंसे रियान पराग, मैच फीस का 25% जुर्माना; आगे सख्त कार्रवाई संभव
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In