डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 124वें संस्करण में राष्ट्र को संबोधित किया। संसद के मानसून सत्र के बीच आए इस संबोधन पर देश की निगाहें टिकी थीं, खासकर जब संसद में ऑपरेशन सिंदूर और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे जैसे विषय चर्चा में हैं। हाल ही में मालदीव यात्रा से लौटे प्रधानमंत्री ने इस बार कई महत्वपूर्ण और भावनात्मक पहलुओं को अपने संबोधन में शामिल किया।
🌌 शुभांशु शुक्ला की वापसी से शुरू हुई ‘मन की बात’
प्रधानमंत्री ने इस बार की ‘मन की बात’ की शुरुआत भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के उल्लेख से की। उन्होंने कहा,
“जैसे ही शुभांशु अंतरिक्ष से लौटे, पूरे देश में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद देश में विज्ञान और अंतरिक्ष को लेकर नया माहौल बना है। छोटे-छोटे बच्चे अब कहते हैं कि वे भी स्पेस में जाएंगे।”
📱 नमो भारत ऐप पर मांगे संदेश
पीएम मोदी ने इंस्पायर मानक अभियान का भी जिक्र किया जिसमें हर स्कूल से 5 बच्चों को चुना जाता है और वे अपने इनोवेटिव आइडिया प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 के बाद से बच्चों की भागीदारी बढ़ी है और अब स्टार्टअप भी स्पेस सेक्टर में तेजी से उभर रहे हैं।
“23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे मनाया जाएगा। आप इसे कैसे मनाना चाहते हैं, मुझे नमो भारत ऐप पर जरूर संदेश भेजिए।”
🏰 12 मराठा किलों को यूनेस्को की मान्यता
प्रधानमंत्री ने बताया कि यूनेस्को ने हाल ही में मराठा साम्राज्य के 12 किलों को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है। उन्होंने इन किलों के गौरवशाली इतिहास को देशवासियों के साथ साझा करते हुए इसे भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया।
🔥 खुदीराम बोस की वीरता को किया याद
पीएम मोदी ने 11 अगस्त 1908 को बिहार के मुजफ्फरपुर में अंग्रेजों द्वारा फांसी दिए गए स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस को याद किया।
“वो सिर्फ 18 साल के थे, लेकिन उनके चेहरे पर भय नहीं, बल्कि गर्व था। अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दी, लेकिन वो आज भी भारत के नौजवानों के लिए प्रेरणा हैं।”
📅 अगस्त: क्रांति और संघर्ष का महीना
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगस्त सिर्फ आज़ादी का महीना नहीं, बल्कि भारतीय जनचेतना और बलिदान का प्रतीक है।
- 1 अगस्त: लोकमान्य बालगंगाधर तिलक की पुण्यतिथि
- 7 अगस्त: नेशनल हैंडलूम डे (10वीं वर्षगांठ)
- 8 अगस्त: भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत
- 14 अगस्त: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
- 15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस
“इन सभी तारीखों में भारत के संघर्ष, शौर्य और आत्मबल की गूंज है। हमें इन क्षणों को नमन करते हुए आगे बढ़ना है।”
इस बार की ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री मोदी का एक भावनात्मक, प्रेरणादायक और राष्ट्रीय चेतना से भरा हुआ संबोधन रहा, जिसमें विज्ञान से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक और बच्चों से लेकर इतिहास तक – हर विषय को छूने की कोशिश की गई।













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