नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी से अलग होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने पार्टी नेतृत्व और अरविंद केजरीवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अन्ना हजारे ने कहा कि यदि पार्टी अपने सिद्धांतों पर चल रही होती, तो इतनी बड़ी संख्या में नेता उसे छोड़कर नहीं जाते।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब कई सांसद एक साथ अलग होने का निर्णय लें, तो यह नेतृत्व के लिए गंभीर चेतावनी है। अन्ना हजारे ने कहा कि संगठन को आत्ममंथन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी।
उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई दल अपने मूल उद्देश्य और जनता से किए गए वादों से भटक जाता है, तब अंदरूनी असंतोष बढ़ने लगता है। ऐसे हालात में नेताओं का पार्टी छोड़ना स्वाभाविक हो जाता है।
गौरतलब है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के अलग होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। इस घटनाक्रम को पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक स्थिति पर पड़ सकता है।













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