डेस्क:बिहार चुनाव के ऐलान के बाद जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार की जनता इस बार लालू यादव-प्रशांत किशोर के लिए वोट नहीं देगी। वोट लोग अपने बच्चों के लिए, उनकी शिक्षा और रोजगार के लिए, बिहार में बदलाव के लिए करेंगे। ये उस शुरुआत के लिए होगा जिसका हम सपना देखते हैं कि आने वाले 10 सालों में बिहार देश के 10 अग्रणी राज्यों में शामिल होगा
पीके ने कहा कि बिहार में सीधा त्रिकोणीय मुकाबला है। लोग एनडीए, महागठबंधन के उम्मीदवारों के बारे में पूछ रहे हैं। उससे ज्यादा जन सुराज के प्रत्याशियों के बारे में पूछ रहे हैं। बाकी का कोई मतलब नहीं है। 100 में 90-95 वोट इन्हीं तीन गठबंधनों में बंटना है। अब लोगों ने तय कर लिया है कि बदलाव करना है। बीजेपी और एनडीए तो गई। अब उनको 15 साल की जंगलराज की व्यवस्था को वापस लाना है। या फिर नई व्यवस्था जन सुराज को बनाना है। ये फैसला जनता को लेना है।
किशोर ने बताया कि कहा कि जन सुराज का प्रयास अब अंतिम चरण में है। अब प्रयास पर विचार करके वोट देने का काम जनता को करना है। जीत-हार प्रशांत किशोर और जन सुराज की नहीं होनी है। बिहार की जनता की विचारधारा की होनी है। वहीं 9 अक्टूबर को जन सुराज प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी करेगी। जिसमें प्रशांत किशोर का नाम हो सकता है। आपको बता दें बिहार में दो चरणों में चुनाव होगा। 6 और 11 नवंबर को वोटिंग और फिर 14 नवंबर को रिजल्ट घोषित होगा।













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