• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
मुख्य न्यायाधीश गवई बोले — क्रीमी लेयर की मान्यता न्यायिक यात्रा का निर्णायक क्षण

सीजेआई गवई की चिंता: डिजिटल स्टॉकिंग और असुरक्षा से बालिकाओं का भविष्य खतरे में

October 12, 2025
23 जून को लद्दाख बंद का ऐलान, केंद्र पर लगाया धोखे का आरोप

23 जून को लद्दाख बंद का ऐलान, केंद्र पर लगाया धोखे का आरोप

June 21, 2026
नीट री-एग्जाम आज: IAF की उड़ानें, AI से CCTV मॉनिटरिंग, हजारों जैमर

नीट री-एग्जाम आज: IAF की उड़ानें, AI से CCTV मॉनिटरिंग, हजारों जैमर

June 21, 2026
राम मंदिर में चोरी नहीं डाका; नृपेंद्र मिश्रा के बयानों से मुश्किल में ट्रस्ट

राम मंदिर में चोरी नहीं डाका; नृपेंद्र मिश्रा के बयानों से मुश्किल में ट्रस्ट

June 21, 2026
कोलकाता में भव्य आयोजन, हजारों लोगों के बीच पीएम मोदी ने किया योग

कोलकाता में भव्य आयोजन, हजारों लोगों के बीच पीएम मोदी ने किया योग

June 21, 2026
योगी

विवादित संपत्तियों की बिक्री पर लगेगी रोक, यूपी सरकार ला रही यूनिक प्रॉपर्टी आईडी व्यवस्था

June 21, 2026
एसआईआर प्रक्रिया के बीच उत्तर 24 परगना में बुजुर्ग की मौत

आलू के कारोबार में 22 लाख रुपये का नुकसान, युवा व्यापारी ने की आत्महत्या

June 21, 2026
ट्रंप का बयान: ईरान पर जीत के बाद ही होगा कोई नया नेतृत्व

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल नहीं वसूला जाएगा, ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी

June 21, 2026
भारत ने अमेरिकी आयोग की धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट को खारिज किया

मुस्लिम स्थलों पर बयान से बढ़ा विवाद, भारत ने जरदारी को लगाई फटकार

June 21, 2026
कांग्रेस ने स्पष्ट किया: अय्यर केरल के मुद्दों पर बोलते हैं व्यक्तिगत रूप से

पार्टी लाइन बनाम व्यक्तिगत राय, कांग्रेस में फिर गहराया मतभेद

June 21, 2026
राजनाथ सिंह: भारत के रक्षा उद्योग ने दुनिया में अपनी ताकत दिखाई

पूर्वोत्तर अब सिर्फ सीमा नहीं, भारत की सुरक्षा और शक्ति का रणनीतिक स्तंभ: राजनाथ सिंह

June 21, 2026
ट्रंप के आरोपों पर मेलोनी का पलटवार: “इटली एक संप्रभु राष्ट्र है, आपकी टिप्पणियाँ असंगत”

ट्रंप के आरोपों पर मेलोनी का पलटवार: “इटली एक संप्रभु राष्ट्र है, आपकी टिप्पणियाँ असंगत”

June 21, 2026
सावधान! ठंड में कमी, लेकिन बारिश का अलर्ट

गर्मी से राहत की उम्मीद, उत्तर भारत में प्री-मानसून बारिश का दौर

June 21, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Sunday, June 21, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home देश

सीजेआई गवई की चिंता: डिजिटल स्टॉकिंग और असुरक्षा से बालिकाओं का भविष्य खतरे में

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
October 12, 2025
in देश
Reading Time: 1 min read
A A
0
मुख्य न्यायाधीश गवई बोले — क्रीमी लेयर की मान्यता न्यायिक यात्रा का निर्णायक क्षण

File Photo

डेस्क:भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई ने शनिवार को ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर धमकी और ‘डिजिटल स्टॉकिंग’ के साथ-साथ व्यक्तिगत डेटा और डीपफेक तस्वीरों के कारण लड़कियों के विशेष रूप से संवेदनशील स्थिति में होने को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि एक ऐसा समाज बनाना जहां लड़कियां सम्मान के साथ अपना सिर ऊंचा रख सकें और जहां उनकी आकांक्षाएं शिक्षा और समानता से पोषित हों। उन्होंने डिजिटल स्टॉकिंग के संदर्भ में विशेष कानून बनाए जाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों व नीति निर्धारकों को विशेष प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘डिजिटल स्टॉकिंग’ इंटरनेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग करके किसी व्यक्ति को परेशान करना, धमकाना या उसका पीछा करने को कहते हैं।

प्रधान न्यायाधीश ने यूनिसेफ, भारत के सहयोग से उच्चतम न्यायालय की किशोर न्याय समिति (जेजेसी) के तत्वावधान में आयोजित “बालिकाओं की सुरक्षा: भारत में उनके लिए सुरक्षित और सक्षम वातावरण की ओर” विषय पर राष्ट्रीय वार्षिक हितधारक परामर्श में अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संवैधानिक और कानूनी संरक्षण के बावजूद देश भर में अनेक बालिकाओं को अब भी उनके मौलिक अधिकारों और यहां तक कि जीवन-निर्वाह के बुनियादी साधनों से भी वंचित रहना पड़ रहा है। यह असुरक्षा उन्हें यौन शोषण, उत्पीड़न और हानिकारक प्रथाओं तथा अन्य गंभीर जोखिमों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना देती है।

‘एक ऐसा समाज बनाना है, जहां…’
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल उसके शरीर की रक्षा करना नहीं है, बल्कि उसकी आत्मा को मुक्त करना है। एक ऐसा समाज बनाना जहां वह सम्मान के साथ अपना सिर ऊंचा रख सके और जहां उसकी आकांक्षाएं शिक्षा और समानता से पोषित हों… हमें उन गहरी जड़ें जमाए हुए पितृसत्तात्मक रीति-रिवाजों का सामना करना होगा और उन पर विजय प्राप्त करनी होगी जो लड़कियों को उनके उचित स्थान से वंचित करते हैं।’’ रवींद्रनाथ टैगोर की कविता ‘‘व्हेयर द माइंड इज विदाउट फियर’’ को याद करते हुए न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि इसमें बालिकाओं की सुरक्षा के लिए जो कुछ हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है, उसका सार समाहित है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सपना तब तक अधूरा रहेगा जब तक हमारे देश में कोई भी लड़की भय में रहेगी – हिंसा के भय में, भेदभाव के भय में, या सीखने और सपने देखने के अवसर से वंचित होने के भय में।’’

Previous Post

ओवैसी की सीमांचल पुकार: ‘अब हमारी राजनीति हमारे हाथ में होगी

Next Post

महागठबंधन: सीट बंटवारे की घोषणा टली

Next Post
राहुल-तेजस्वी के बीच दूरी, महागठबंधन में सियासी खींचतान

महागठबंधन: सीट बंटवारे की घोषणा टली

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • 23 जून को लद्दाख बंद का ऐलान, केंद्र पर लगाया धोखे का आरोप
  • नीट री-एग्जाम आज: IAF की उड़ानें, AI से CCTV मॉनिटरिंग, हजारों जैमर
  • राम मंदिर में चोरी नहीं डाका; नृपेंद्र मिश्रा के बयानों से मुश्किल में ट्रस्ट
  • कोलकाता में भव्य आयोजन, हजारों लोगों के बीच पीएम मोदी ने किया योग
  • विवादित संपत्तियों की बिक्री पर लगेगी रोक, यूपी सरकार ला रही यूनिक प्रॉपर्टी आईडी व्यवस्था
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In