कोलकाता। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और हजारों लोगों के साथ योग किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह एकता का अवसर है और योग सबको एकजुट होना सिखाता है। इस बार का मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में ही कराया जा रहा है। योग के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के और भी कई कार्यक्रम हैं। कोलकाता के रेड रोड पर इस मुख्य आयोजन में बड़ी संख्या मे लोग पहुंचे हैं।
योग से पूरा विश्व जुड़ गया- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा, 21 जून का यह दिन पृथ्वी के कुछ भूभाग पर साल में सबसे लंबी अवधि का दिन होता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की वजह से यह विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन भी बन गया है। विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग की एक से एक अद्भुत तस्वीरें आ रही हैं। भारत में हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक, पूर्वोत्तर और पूर्व में बंगाल से लेकर पश्चिम में सौराष्ट्र तक पूरा देश योग की ऊर्जा से चैतन्यता सेभरा नजर आ रहा है। पूरा देश और पूरा विश्व एक दूसरे से जुड़ा हुआ नजर आ रहा है। यही तो योग की ताकत है।
स्वच्छता से स्वागत पहल की सराहना
उन्होंने कहा, योग सबको जोड़ता है और साथ लाता है। मैं इस मौके पर पूरे मानव समाज को शुभकामनाएं देता हूं। आज योग दिवस पर खास कर पूरे बंगाल में, स्वच्छता के लिए भी मैं कोलकाता वासियों की सराहना करता हूं। स्वच्छता से स्वागत पहल के लिए जिस तरह यहां लोगों ने प्रणम किया है। नागरिक कर्तव्य निभाया गया है। उन सभी देशवासियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन गया है। योग दिवस के अवसर पर बंगाल में होना, बहुत विशेष है। बंगाल की यह पवित्र भूमि जहां रामकृष्ण परमहंस जैसे सिद्ध संतों ने जन्म लिया। जहां से निकलकर स्वामी विवेकानंद ने योग से पूरी दुनिया का परिचय करवाया। लाहिड़ी महाशय जैसे योगियों ने योग की परंपरा को समूची धरती पर पहुंचाया। इसीलिए यह कार्यक्रम एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति दे रहा है। गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर का कहना था कि मनुष्य की पहचान अलग रहने में नहीं बल्कि आसपास की दुनिया से जुड़ने में है। यही जुड़ाव योग का मूल भाव है। महर्षि अरविंद कहते थे कि हमारा पूरा जीवन योग है, हमें इसका बोध हो या फिर ना हो। योग जब स्वभाव में आता है तो वह मानवीय एकता का आधार बन जाता है। योग केवल शारीरिक श्रम का साधन नहीं है बल्कि यह मानव के जीवन का चेतना के साथ प्रकाश भी है।
#WATCH | West Bengal | Prime Minister Narendra Modi performs Yoga on the occasion of the 12th International Day of Yoga in Kolkata.
The theme for this year’s Yoga Day is ‘Yoga For Healthy Ageing’
(Video Source: DD News) pic.twitter.com/uenZKDPetf
— ANI (@ANI) June 21, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा, योग रोज करने से लोग लंबी आयु तक भी अपने शरीर के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं। लोग खुद को सुव्यवस्थित कर सकते हैं। इसलिए योग हर उम्र के लोगों के लिए हैं। गीता में भगवान कृष्ण ने कहा, युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु।युक्तस्वप्नावबोधस्य योगो भवति दुःखहा॥ संतुलन ही योग का आधार है। यही संतुलन जीवन का आधार भी है। ज्यादातर लोग इस आधुनिक समय में जीवन के असंतुलन से जूझ रहे हैं। योग हमारे जीवन में शांति का स्रोत बनता ही है , इससे विश्व शांति का द्वार भी खुलता है। यह आज अपने लिए ही नहीं जरूरी है बल्कि दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए एक आवश्यकता भी है। इस मौके पर करोड़ों लोग योग से जुड़ते हैं। लेकिन आज का यह दिन हमें अपने साझा संकल्प को फिर दोहराने का अवसर देता है। आइए हम संकल्प लें, योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखेंगे। योग को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखेंगे। योग को हम अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे। अपने परिवार का हिस्सा बनाएंगे। अपनी आने वाली पीढ़ियों का हिस्सा बनाएंगे। इसी दिशा में इस वर्ष ‘योग-365’ की पहल को आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत 100 दिन के ऑनलाइन योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें अभूतपूर्व भागेदारी देखी गई है। 1-3 देशों के लाखों लोगों ने इसमें भाग लिया। जब समाज स्वस्थ्य होगा तब राष्ट्र भी अधिक समृद्ध और आत्मविश्वासी बनेगा।
योग दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी 9 बजे कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर पहुंचकर स्वदेशी नौसैनिक जहाजों आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। बता दें कि पिछले सप्ताह के कार्यकाल में योग दिवस के कार्यक्रम छोटे स्तर पर ही होते थे।
क्या है इस योग दिवस की थीम
इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ्य बुढ़ापे के लिए योग’ है। दुनियाभर में 2500 से भी ज्यादा जगहों पर योग दिवस का आयोजन किया गया है। दुनियाभर के देशों में 210 भारतीय मिशन और पोस्ट में भी योग दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित कर दिया था। इसके बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूर, न्यूयॉर्क, श्रीनगर और विशाखापट्टनम में योग दिवस के मुख्य आयोजन का हिस्सा बन चुके हैं।













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