डेस्क : वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई ने एक बड़ा दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता और मौजूदा बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी कभी कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे, लेकिन उस समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह कहते हुए मना कर दिया था कि “अभी वैकेंसी नहीं है।”
किदवई के अनुसार, यह घटना उस दौर की है जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में सक्रिय थे और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएँ तेज थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क कर पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
सूत्रों और किदवई के दावे के अनुसार, उस समय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में राहुल गांधी का प्रभाव बढ़ रहा था और निर्णय प्रक्रिया में उनकी अहम भूमिका थी। इसी दौरान कथित तौर पर उनसे जुड़े एक विचार-विमर्श में यह टिप्पणी सामने आई कि संगठन में फिलहाल नए नेताओं के लिए जगह नहीं है।
इस खुलासे ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि उस समय शुभेंदु अधिकारी कांग्रेस में शामिल हो जाते, तो क्या पश्चिम बंगाल की राजनीति की तस्वीर कुछ और होती?
हालांकि इस पूरे दावे पर कांग्रेस या शुभेंदु अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान मौजूदा राजनीतिक समीकरणों और अतीत के फैसलों को नए नजरिये से देखने की कोशिश है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी फिलहाल बीजेपी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं और राज्य में सत्ता संतुलन के अहम खिलाड़ी माने जाते हैं।













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