डेस्क :एक्ट्रेस महिमा चौधरी अभी अपनी अपकमिंग फिल्म ‘दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी’ को लेकर चर्चा में हैं। महिमा चौधरी ने सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘परदेस’ के जरिए डेब्यू किया था। एक हालिया इंटरव्यू में महिमा ने बताया कि एक बार डायरेक्टर सुभाष घई की वजह से वो सेट पर बहुत रोई थीं। इतना ही नहीं, महिमा ने अपनी शुरुआती स्ट्रगल के बारे में बताते हुए कहा कि कैसे निर्देशक उन पर चिल्लाते और गालियों का इस्तेमाल किया करते थे। जहां सुभाष घई का डांटना उनके लिए अच्छा साबित हुआ, वहीं बाकी डायरेक्टर्स का उनके साथ बुरा बर्ताव करता आज भी उनके दिल में एक कड़वी याद बनकर जिंदा है।
सेट पर गालियां बक देते थे फिल्ममेकर्स
सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में महिमा चौधरी ने बताया, “ऐसा कई बार हुआ है। लोग माइक पर जोर-जोर से चिल्लाते थे, जिसमें गालियां भी शामिल थीं, सारी फालतू चीजें। मुझे याद है कि कोई तो ऐसे चिल्ला रहा था कि एक मेल एक्टर ने मुझसे पूछा कि क्या तुम जानती हो कि वह इनडायरेक्टली हमसे कुछ कहना चाह रहा है। मैंने हां कहा तो मेल एक्टर ने मुझसे कहा कि आपके चेहरे के हाव-भाव से ऐसा नहीं लगता कि आप उनके इशारे समझ रही हैं।”
जान बूझकर दिखावा करती थीं एक्ट्रेस
महिमा चौधरी ने आगे बताया कि आपको ऐसा दिखाना होगा कि आप समझ नहीं रहे हैं। अब उनमें इतनी हिम्मत नहीं है क्योंकि हर जगह कैमरे लगे हैं और लोग 30 सेकंड में उनका बुरा बर्ताव देख लेंगे। तो पहले बहुत बुरा बर्ताव होता था और बहुत ज्यादा निगेटिविटी होती थी। ग्रुपबाजी भी थी। मेरे साथ यह तजुर्बा मेरी दूसरी फिल्म की शूटिंग के दौरान हुआ। बता दें कि महिमा चौधरी की दूसरी फिल्म ‘दाग – द फायर’ थी। यह फिल्म साल 1999 में रिलीज हुई थी।
अंग्रेजी बोलकर बचा करती थीं महिमा
महिमा चौधरी ने इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत के बारे में बताते हुए कहा कि ऐसे हालातों से बचने के लिए अंग्रेजी बोलना उनका हथियार बन गया था। उन्होंने कहा, “वो दूसरे लोगों से कहते थे, ‘तुम लोग क्यों नहीं समझते?’ लेकिन मुझे पता था कि यह मेरे लिए था। अगर वो सीधे तौर पर आप पर हमला नहीं कर रहे हैं, तो आप ऐसा दिखावा करते हैं कि आपको समझ नहीं आ रहा है। मैं जानबूझकर अंग्रेजी में बात करती थी और पूछती थी, ‘माफ कीजिए, क्या आपने अभी कहा कि मुझे यहां कदम रखना है और यह सीन करना है?”
डांट खाने के बाद रोने लगी थीं महिमा
महिमा चौधरी ने बताया कि मुझे लगता था कि वो मुझसे हिंदी में बहुत कुछ कहेंगे, लेकिन अंग्रेजी में वो बोलने में समय लेंगे। यही मेरा बचाव का तरीका था। महिमा चौधरी ने फिल्म ‘परदेस’ की शूटिंग का किस्सा भी सुनाया कि कैसे वो सुभाष घई के डांटने पर रो पड़ी थीं। एक्ट्रेस ने कहा, “कभी-कभी किसी से डांट खाना फायदेमंद साबित होता है। मेरी पहली फिल्म के दौरान ऐसा ही हुआ था। सुभाष जी ने मुझे एक बार बहुत डांटा था और फिर मैंने फोन वाला सीन किया, वही सीन सबको पसंद आया। उन्होंने मुझे रुला दिया था। उस सीन में रोना जरूरी थी और आप तो पहले से ही रो रहे होते हैं, तो आपकी आवाज वैसी ही हो जाती है।”













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