जयपुर :
विश्वभर में बढ़ते युद्ध, हिंसा और तनावपूर्ण वातावरण के बीच आचार्य श्री महाप्रज्ञ का शांति, अहिंसा और सद्भाव का संदेश आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। यह विचार आचार्य श्री महाश्रमण के सुशिष्य मुनि तत्त्व रुचि ‘तरुण’ ने रविवार को आचार्य श्री महाप्रज्ञ के 107वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित सर्वधर्म सद्भावना दिवस कार्यक्रम में व्यक्त किए।
टोंक रोड स्थित कीर्तिनगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के प्रवचन हॉल में तेरापंथ सभा जयपुर के तत्वावधान में आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में विभिन्न जैन समाजों सहित अन्य धर्मों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अपने प्रेरक उद्बोधन में मुनि तत्त्व रुचि ‘तरुण’ ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं ‘मिसाइल मैन’ डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम से कहा था कि आज दुनिया को हिंसा और अशांति की नहीं, बल्कि शांति और अहिंसा की मिसाइल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में यह संदेश मानवता के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है।
मुनिश्री ने आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा बताए गए सफलता के पाँच सूत्र—सहनशीलता, विनम्रता, सेवा, श्रमशीलता और संयम—का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि व्यक्ति इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाए तो वह न केवल सफल बन सकता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
इस अवसर पर मुनि संभव कुमार ने आचार्य महाप्रज्ञ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे करुणा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों के अद्वितीय प्रतीक थे। उनके हृदय में सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान और आत्मीयता थी, इसलिए प्रत्येक धर्मावलंबी उन्हें अपना मानता था। उन्होंने कहा कि उनके जन्मदिवस को सर्वधर्म सद्भावना दिवस के रूप में मनाना उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का सार्थक माध्यम है। उन्होंने आचार्य महाप्रज्ञ की विद्वता और विनम्रता के अद्भुत समन्वय को भी स्मरण किया।
कार्यक्रम में तेरापंथ सभा जयपुर के मंत्री राजकुमार बाफना ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मंदिर समिति के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि सरदार चरणजीत सिंह, अखिल भारतीय पोरवाल समाज के महामंत्री मुकेश जैन, श्वेताम्बर मूर्तिपूजक आम्नाय की प्रतिनिधि सुनीता पटावरी तथा तेरापंथ युवक परिषद के तनुज कोठारी सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक प्रतिनिधियों ने आचार्य महाप्रज्ञ के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि मुनि तत्त्व रुचि ‘तरुण’ का आगामी प्रवचन सोमवार को टोंक रोड स्थित न्यू लाइट कॉलोनी के दिगम्बर-श्वेताम्बर जैन मंदिर में आयोजित होगा।













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