डेस्क :अंकिता भंडारी हत्याकांड से भाजपा नेता दुष्यंत गौतम का नाम जोड़ने के खिलाफ हाई कोर्ट से आए फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (आप) नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो दोबारा शेयर कर दिया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह इस वीडियो को डिलीट नहीं करेंगे और जेल जान के लिए भी तैयार हैं। हाई कोर्ट की ओर से इस तरह की सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाए जाने के आदेश के बाद भारद्वाज ने यह रुख जाहिर किया। अदालत ने कांग्रेस, ‘आप’ समेत अन्य सोशल मीडिया यूजर्स को यह निर्देश दिया है।
सौरभ भारद्वाज ने 26 दिसंबर को एक्स पर शेयर किए गए अपने एक वीडियो को दोबारा साझा करते हुए कहा कि वह इसे डिलीट नहीं करेंगे। दिल्ली में आप के प्रमुख ने लिखा, ‘मैं इस पोस्ट को डिलीट नहीं करूंगा। जो करना है कर लो। मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं। मैं अंकिता भंडारी के लिए न्याय चाहता हूं।’
सौरभ भारद्वाज ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें वह अंकिता हत्याकांड की पूरी जानकारी साझा करते नजर आ रहे हैं। वह इसमें उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के हवाले से दुष्यंत गौतम का नाम लेते हैं और जांच पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं।
क्या है हाई कोर्ट का आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले से जोड़ने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने गौतम द्वारा दायर मानहानि के मामले पर अंतरिम आदेश देते हुए दोनों राजनीतिक दलों को हत्या के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव को कथित ‘वीआईपी’ के तौर पर दर्शाने वाली कोई भी सामग्री पोस्ट करने पर भी रोक लगाई।













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