डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में गाजा शांति समझौते के दूसरे चरण को लागू करने के लिए अब औपचारिक रूप से गाजा पीस बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, इस बोर्ड में भारत को शामिल करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने नई दिल्ली को आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस निमंत्रण की पुष्टि करते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल पर राष्ट्रपति ट्रंप का पत्र भी साझा किया है।
बताया जा रहा है कि भारत के साथ-साथ पाकिस्तान को भी इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया गया है। इस्लामाबाद की शरीफ सरकार ने भी निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक शांति के इस नए मंच का हिस्सा बनने का आमंत्रण दिया है। पत्र में गाजा के लिए प्रस्तावित 20 सूत्रीय शांति योजना और उसके बाद संयुक्त राष्ट्र से मिली मान्यता का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने गाजा पीस बोर्ड को एक नए अंतरराष्ट्रीय संगठन और संक्रमणकालीन शासकीय ढांचे के रूप में परिभाषित किया है।
ट्रंप ने लिखा है कि “बोर्ड ऑफ पीस अब तक गठित सबसे प्रभावशाली और परिणामकारी निकाय होगा, जिसका उद्देश्य संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल उन देशों को एक मंच पर लाएगी, जो वैश्विक शांति की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रपति ने निकट भविष्य में बोर्ड के सदस्य देशों की पहली बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा है।
किन देशों को मिला निमंत्रण
रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने के लिए करीब 60 देशों को निमंत्रण भेजा गया है। फिलहाल अधिकांश देशों ने इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस प्रस्ताव को खुले तौर पर स्वीकार करते हुए कहा है कि उनका देश शांति प्रयासों में सक्रिय योगदान देने को तैयार है। वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्को कार्नी ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इस पहल का समर्थन करते हैं, लेकिन औपचारिक रूप से बोर्ड में शामिल होने को लेकर अभी बातचीत जारी है।
पाकिस्तान ने भी निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने बताया कि वाशिंगटन की ओर से इस्लामाबाद को प्रस्ताव मिला है और पाकिस्तान गाजा से जुड़े शांति प्रयासों में अपनी भागीदारी बनाए रखेगा।
क्या है गाजा पीस बोर्ड
जानकारी के मुताबिक, गाजा पीस प्लान के दूसरे चरण में क्षेत्र के पुनर्निर्माण और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसके अध्यक्ष स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप हैं। इसी समिति की निगरानी और गाजा में जमीनी स्तर पर कार्यों के संचालन के लिए गाजा पीस बोर्ड का गठन किया गया है। ट्रंप इस बोर्ड के भी अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन और कार्यान्वयन के लिए एक अलग संरचना तैयार की जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पर जारी बयान में कहा है कि यह उन साझेदार देशों को स्थायी सदस्यता देने का प्रस्ताव है, जो शांति, सुरक्षा और समृद्धि के प्रति स्पष्ट और मजबूत प्रतिबद्धता दिखाते हैं।
कब मिला अंतरराष्ट्रीय दर्जा
गाजा में शांति समझौते के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बोर्ड के गठन का प्रस्ताव रखा था। नवंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इसे मान्यता दी थी। हालांकि मतदान के दौरान रूस और चीन ने इससे दूरी बनाए रखी थी। दोनों देशों ने यह आपत्ति जताई थी कि गाजा शांति प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं है। उस समय बोर्ड की अवधि 2027 तक तय की गई थी।
अब सामने आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप इस बोर्ड की भूमिका को गाजा से आगे बढ़ाकर यूक्रेन में शांति प्रयासों तक विस्तारित करने पर भी विचार कर रहे हैं। इस संभावित विस्तार को लेकर कई यूरोपीय देशों ने अपनी चिंताएं भी जताई हैं।













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