डेस्क : केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय बजट में सुरक्षा एवं बुनियादी ढांचे से जुड़े खर्च के लिए 3,610.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक है। गृह मंत्रालय का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एलडब्ल्यूई प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) और विशेष अवसंरचना योजना के तहत 3,610.80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 3,006.56 करोड़ रुपये थी। बजट दस्तावेजों के अनुसार, इस मद में सुरक्षा संबंधी व्यय योजना, विशेष अवसंरचना योजना तथा वामपंथी उग्रवाद से सर्वाधिक प्रभावित 35 जिलों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता शामिल है।
इसके अतिरिक्त, एलडब्ल्यूई प्रबंधन के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता, नागरिक कार्य कार्यक्रम और विभिन्न राज्यों में मीडिया योजना से जुड़ी गतिविधियों पर भी इस राशि का उपयोग किया जाएगा। यह धनराशि पुलिस बलों के आधुनिकीकरण से जुड़ी केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई जाएगी।
पुलिस आधुनिकीकरण पर जोर
कुल मिलाकर, पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए बजटीय आवंटन को लगभग 24 प्रतिशत बढ़ाकर 4,061.34 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पिछले वित्त वर्ष में इसका संशोधित अनुमान 3,279.53 करोड़ रुपये था। वहीं, आपदा प्रबंधन मद के अंतर्गत नागरिक कार्रवाई कार्यक्रम और मीडिया योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा नागरिक जागरूकता गतिविधियों और मीडिया संपर्क अभियानों पर खर्च किया जाएगा।
नक्सल हिंसा में आई गिरावट
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सरकार की ठोस और निर्णायक रणनीति के तहत मार्च 2026 तक देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने नक्सल हिंसा को लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा था कि अब तक इस हिंसा में करीब 17,000 लोगों की जान जा चुकी है।
गृह मंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 से 2024 के बीच नक्सल हिंसा की घटनाओं में 2004 से 2014 की अवधि की तुलना में 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार सुरक्षा से जुड़ी कमियों को दूर करने के साथ-साथ विकास कार्यों और सुरक्षा अभियानों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।













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