नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के भलस्वा, गाजीपुर और ओखला में खड़े कचरे के पहाड़ों को खत्म करने को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा बयान दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में सीएम ने कहा कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है और पूरी उम्मीद है कि 2026 के अंत तक इन दोनों जगहों से लीगेसी वेस्ट पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
ओखला-भलस्वा लैंडफिल पर क्या बोलीं सीएम
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओखला और भलस्वा में वर्षों से जमा लीगेसी वेस्ट को तेजी से प्रोसेस किया जा रहा है। लीगेसी वेस्ट वह कचरा होता है, जो लंबे समय तक डंपिंग ग्राउंड में पड़ा रहता है और जिसमें मिट्टी, प्लास्टिक, पॉलीथिन, कांच, धातु समेत कई तरह का अपशिष्ट शामिल होता है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार पूरी क्षमता के साथ इसे खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।
गाजीपुर लैंडफिल को लेकर क्या कहा
तीसरे और सबसे बड़े कचरे के पहाड़ गाजीपुर लैंडफिल साइट को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पूरी तरह खत्म करने में दो साल तक का वक्त लग सकता है। हालांकि, दिल्ली में रोज़ाना पैदा होने वाले कचरे के 100 प्रतिशत प्रोसेसिंग के लिए नए-नए प्लांट लगाए जा रहे हैं और मौजूदा क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है। लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में सेग्रीगेट किया जा रहा है।
आप और कांग्रेस पर साधा निशाना
सीएम रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे पर पिछली सरकारों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करीब 15 साल कांग्रेस और 11 साल आम आदमी पार्टी की सरकार रही, लेकिन क्या कभी इन सरकारों ने बायोगैस प्लांट लगाने पर गंभीरता से काम किया? मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहला बायोगैस प्लांट उनकी सरकार के कार्यकाल में शुरू किया गया।
बायोट्रीटमेंट प्लांट का विस्तार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 200 टन गोबर प्रोसेस करने वाला बायोट्रीटमेंट वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू हो चुका है, जबकि 400 टन क्षमता वाले अन्य प्लांट इस साल के अंत तक चालू कर दिए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से दिल्ली में कचरा प्रबंधन की तस्वीर बदलेगी।













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