पटना : पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को बीती देर रात पटना स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी 31 वर्ष पुराने एक मामले में हुई, जिसके बाद उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए पहले आईजीआईएमएस और फिर पीएमसीएच शिफ्ट किया गया। गिरफ्तारी के दौरान सांसद ने खुद को अस्वस्थ बताते हुए पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और सिविल ड्रेस में पहुंचे पुलिस अधिकारियों पर आपत्ति जताई। पुलिस के पहुंचने के बाद उन्हें दवा लेते हुए भी देखा गया।
सांसद के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर जानकारी दी गई कि पप्पू यादव को पूरी रात आईजीआईएमएस में स्ट्रेचर पर रखा गया। उनके निजी सचिव के हवाले से कहा गया है कि इलाज के दौरान उन्हें अस्पताल में बेड तक उपलब्ध नहीं कराया गया और बाद में पटना पुलिस उन्हें पीएमसीएच ले गई। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि नीट पीड़ित बेटियों की लड़ाई लड़ने के कारण सत्ता और प्रशासन की ओर से साजिशन कार्रवाई की जा रही है, यहां तक कि उनकी जान को खतरा बताया गया है। साथ ही बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं।
पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने पुलिस की कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि सांसद 1995 के मामले में पहले ही जमानत पर थे और केस की पैरवी अधिवक्ता लिपिक के माध्यम से चल रही थी। वकील का आरोप है कि जमानत रद्द होने से जुड़ी नोटिस की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक धारा 82 की नोटिस चिपकाना अनिवार्य था, जो नहीं किया गया, जबकि पुलिस सीधे धारा 83 के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी करने पहुंच गई।
उधर, पुलिस सूत्रों के अनुसार आज सांसद को अदालत में पेश किया जाएगा। न्यायालय के आदेश के आधार पर उन्हें जेल भेजा जा सकता है, हालांकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल में रखने की भी संभावना है। पेशी के समय को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि पप्पू यादव कोर्ट में जमानत की मांग करेंगे, जिसके लिए उनकी कानूनी टीम पूरी तैयारी में जुटी हुई है।













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