डेस्क : चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद अभिनेता राजपाल यादव मंगलवार शाम तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। जेल सूत्रों के अनुसार सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह शाम करीब 4:50 बजे जेल से बाहर आए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता फर्म के पास 1.5 करोड़ रुपये जमा कराने के बाद हाई कोर्ट ने उनकी छह महीने की सजा पर 18 मार्च तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। अगली सुनवाई तक उन्हें जेल से रिहा करने की अनुमति दी गई है।
कोर्ट की शर्तों के साथ मिली राहत
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने सजा पर अस्थायी रोक लगाई। यह राहत तब मिली जब यादव ने शिकायतकर्ता कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पास निर्धारित राशि जमा कर दी।
अदालत ने यादव को पासपोर्ट सरेंडर करने और बिना पूर्व अनुमति देश छोड़कर न जाने का निर्देश दिया है। साथ ही 18 मार्च को अगली सुनवाई में, चाहे शारीरिक रूप से या वर्चुअली, उपस्थित रहने का आदेश भी दिया गया है।
जेल से बाहर आकर क्या बोले राजपाल
जेल से रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में यादव ने कहा कि कठिन समय में देशभर के लोगों ने उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, “बचपन से लेकर पचपन साल तक के लोगों, बॉलीवुड और दुनियाभर के प्रशंसकों ने मेरा समर्थन किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि 2027 में फिल्म इंडस्ट्री में उनके 30 वर्ष पूरे हो जाएंगे और दर्शकों के प्यार की वजह से ही वह 200 से अधिक फिल्मों में काम कर पाए हैं। यादव ने भरोसा दिलाया कि वह अदालत के हर निर्देश का पालन करेंगे और जरूरत पड़ने पर कोर्ट के सामने उपस्थित होंगे।
पहले सुनाई गई थी छह महीने की सजा
इससे पहले मजिस्ट्रेट अदालत ने चेक बाउंस मामले में उन्हें छह महीने की सजा सुनाई थी। जून 2024 में हाई कोर्ट ने सजा पर इस शर्त के साथ अस्थायी रोक लगाई थी कि वे शिकायतकर्ता के साथ समझौते की दिशा में ईमानदार प्रयास करेंगे।
यादव की ओर से अदालत में यह दलील दी गई थी कि संबंधित लेनदेन एक फिल्म निर्माण से जुड़ा था, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ।
चार फरवरी तक आत्मसमर्पण का निर्देश दिए जाने के बाद उन्होंने जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। अब 18 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा तय होगी।













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