डेस्क: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता नरहरी झिरवल एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक कथित ट्रांसजेंडर (किन्नर) के साथ वीडियो वायरल होने के बाद उनके इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग जोर पकड़ गई है। कांग्रेस ने इस वीडियो को अश्लील और अनैतिक बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो और मंत्री का पक्ष
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह वीडियो झिरवल के आधिकारिक आवास का बताया जा रहा है, जिसमें वह किन्नर के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं। हालांकि, झिरवल ने गुरुवार को मराठी समाचार चैनल से बात करते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो ‘डॉक्टर्ड’ और एडिट किया गया है और इसे केवल उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए लीक किया गया। मंत्री ने कहा कि वह वीडियो में दिख रहे किन्नर को पिछले पांच सालों से जानते हैं, लेकिन इसे वायरल करने में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ है जो उस ट्रांसजेंडर को जानता है। वीडियो में शराब की बोतलों के होने के सवाल पर झिरवल ने स्पष्ट किया कि वे शराब नहीं पीते। साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक किसी ने उनसे इस्तीफा नहीं मांगा है।
विपक्ष और समाज की तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना पर विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
- कांग्रेस (विजय वडेट्टीवार): विजय वडेट्टीवार ने इसे बीजेपी नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के भीतर चल रहे “गैंग वॉर” का हिस्सा बताया और कहा कि ट्रांसजेंडर के भाई ने ब्लैकमेल के लिए यह वीडियो वायरल किया।
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (हर्षवर्धन सपकाल): उन्होंने इसे महाराष्ट्र की राजनीति में नैतिक पतन का उदाहरण बताया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से झिरवल को तत्काल कैबिनेट से हटाने की मांग की।
- आम आदमी पार्टी (प्रीति शर्मा मेनन): मुंबई अध्यक्ष ने कहा कि अब तक कोई कार्रवाई न होना गंभीर सवाल है और इसे ‘कलयुग’ का उदाहरण बताया, जहां यौन अपराधी हमारे शासक बन बैठे हैं।
- सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया: उन्होंने कहा कि वरिष्ठ मंत्री को पद और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए था, साथ ही वीडियो ब्लैकमेल के इरादे से बनाया गया लगता है और मामले की गहन जांच होनी चाहिए।
भ्रष्टाचार के पुराने विवाद भी जुड़े
नासिक जिले के डिंडोरी विधानसभा क्षेत्र से चुने गए आदिवासी नेता नरहरी झिरवल पिछले महीने भी सुर्खियों में थे। उनके विभाग में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे। 12 फरवरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने FDA विभाग के क्लर्क राजेंद्र ढेरंगे को 35,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। इसके बाद झिरवल के निजी सचिव, डॉ. रामदास गाडे को भी उनके पद से हटाकर मूल विभाग में भेजा गया था।
यह मामला न केवल व्यक्तिगत विवाद बनकर रह गया है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया है।













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