डेस्क : महाराष्ट्र के पालघर जिले का 40 वर्षीय ऋषिकेश वैद्य को गिरफ्तार किया गया है। इस पर आरोप है कि उसने धार्मिक भावनाओं का लाभ उठाकर महिलाओं के साथ यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग की। आरोपी खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं को फंसाता था।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 2023 में फेसबुक के जरिए ऋषिकेश से संपर्क किया। दिसंबर 2023 में वह पुणे आया और खुद को महादेव बताकर महिला को धोखा दिया। वह पीड़िता को अपनी “पार्वती” कहकर विश्वास में लेता था और धार्मिक भावनाओं का लाभ उठाकर उसका शोषण करता था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने महिला को किसी सुन्न कर देने वाली वस्तु का सेवन कराया और उसका यौन शोषण किया। साथ ही उसकी गोपनीय तस्वीरें लेकर उसे ब्लैकमेल किया। पुणे के मांजरी इलाके के एक लॉज में बलात्कार की घटना हुई, और मई 2024 में वसई के एक होटल में फिर से यौन शोषण की कोशिश की गई। पीड़िता, 34 वर्षीय पुणे निवासी महिला, लंबे समय तक आरोपी के डर और ब्लैकमेल के कारण चुप रही।
सिनियर इंस्पेक्टर हिरालाल जाधव के अनुसार, ऋषिकेश वैद्य कई महिलाओं को इसी तरह का शिकार बनाता रहा है। आरोपी पालघर में एक सामाजिक संगठन चलाता था और इसके जरिए भी ऐसी गतिविधियाँ करता था।
पीड़िता को शिकायत दर्ज करने का साहस नाशिक में गिरफ्तार हुए स्वयंभू भगवान अशोक खरात के मामलों से मिला। खरात के खिलाफ कई बलात्कार और यौन शोषण के मामले उजागर होने के बाद पीड़िता ने आगे आकर अपनी कहानी बताई। बुधवार को माणिकपुर पुलिस स्टेशन में जीरो FIR दर्ज की गई, जिसे बाद में पुणे के हडपसर पुलिस स्टेशन को जांच के लिए भेजा गया।
पुलिस की सक्रियता और पीड़िताओं के साहस से ऐसे मामलों की पूरी सच्चाई सामने आ रही है। यह मामला महाराष्ट्र में स्वयंभू भगवानों द्वारा महिलाओं के शोषण की समस्या को फिर उजागर करता है।













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