मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दावा किया है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कथित ‘गॉडमैन’ अशोक खारत के बीच पिछले एक साल में 17 बार फोन पर बातचीत हुई।
दमानिया के मुताबिक, इनमें 10 कॉल इनकमिंग और 7 आउटगोइंग थीं, जबकि एक बातचीत करीब 21 मिनट तक चली। इस खुलासे के बाद उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर इन बातचीतों का मकसद क्या था और इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
कई नेताओं के नाम भी आए सामने
दमानिया ने यह भी आरोप लगाया कि एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर ने अशोक खारत को 177 बार कॉल किए। इसके अलावा भाजपा के चंद्रकांत पाटिल और एनसीपी के सुनील तटकरे के नाम भी इस मामले में सामने आए हैं।
कॉल डाटा लीक पर उठा सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) बाहर कैसे आया। सरकार के कुछ नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए जांच की मांग की है। वहीं, इसे राजनीतिक साजिश करार देने की भी कोशिश हो रही है।
पहले से विवादों में है मामला
गौरतलब है कि अशोक खारत पहले ही एक गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उसके बाद से ही उससे जुड़े लोगों और संपर्कों की जांच चल रही है।













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