मनीला/नई दिल्ली : दक्षिण-पूर्व एशिया में बदलते सामरिक समीकरणों के बीच इस वर्ष होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास फिलीपींस और अमेरिका के ‘बालिकातन 2026’ में भारत से आयातित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली ब्रह्मोस मिसाइल का प्रदर्शन किया जाएगा। इस अभ्यास में पहली बार फिलीपींस मरीन कॉर्प्स ब्रह्मोस प्रणाली के माध्यम से समुद्री हमले की सिमुलेशन फायरिंग का अभ्यास करेगा।
सूत्रों के अनुसार, यह अभ्यास वास्तविक युद्ध परिस्थितियों की नकल करते हुए किया जाएगा, जिसमें ब्रह्मोस की तैनाती और संचालन क्षमता को परखा जाएगा। हालांकि इसमें लाइव फायरिंग नहीं होगी, लेकिन इसकी मारक क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
रणनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा अभ्यास
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण चीन सागर में लगातार बने तनाव के बीच यह अभ्यास केवल सैन्य तैयारी नहीं, बल्कि एक स्पष्ट रणनीतिक संदेश भी है। फिलीपींस द्वारा ब्रह्मोस का प्रदर्शन क्षेत्र में अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने और संभावित समुद्री चुनौतियों का सामना करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को बढ़ावा
यह घटनाक्रम भारत के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पहली बार किसी विदेशी देश द्वारा अमेरिकी सेना के साथ संयुक्त अभ्यास में भारतीय मिसाइल प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भारत की रक्षा तकनीक और निर्यात क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।
ब्रह्मोस की विशेषताएँ
ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणालियों में शामिल है, जो अत्यधिक गति और सटीकता के लिए जानी जाती है। इसे जमीन, समुद्र और वायु—तीनों प्लेटफॉर्म से दागा जा सकता है, जिससे यह बहुआयामी सामरिक हथियार बन जाती है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
