दार्जिलिंग : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दार्जिलिंग में आयोजित एक रैली के दौरान गोरखा समुदाय से जुड़े मुद्दों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गोरखा समुदाय के साथ “अन्याय” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब इस अन्याय को समाप्त करने का समय आ गया है।
अमित शाह ने वादा किया कि गोरखालैंड आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर दर्ज “झूठे मुकदमों” को 31 जुलाई से पहले वापस ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर गोरखा समुदाय की लंबे समय से लंबित मांगों का “स्थायी समाधान” भी लेकर आएगी, ताकि लोगों को बार-बार आंदोलन करने की आवश्यकता न पड़े।
रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी ने गोरखा इतिहास को दबाने का प्रयास किया है, लेकिन अब समय आ गया है कि इस अन्याय का अंत हो। उन्होंने आरोप लगाया कि दार्जिलिंग की जनता कांग्रेस, वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस को इसका जवाब देगी।
उन्होंने कहा, “गोरखा भाइयों पर सैकड़ों झूठे केस दर्ज हैं, जिन्हें हम वापस लेंगे और न्याय सुनिश्चित करेंगे।”
इसी दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि राज्य में परिवर्तन की जरूरत है।
गौरतलब है कि गोरखालैंड आंदोलन गोरखालैंड आंदोलन दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अलग राज्य की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन है, जिसे लेकर समय-समय पर राजनीतिक तनाव देखने को मिलता रहा है।
अमित शाह ने आगे कहा कि आगामी चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि “अपराध और असुरक्षा” के खिलाफ जनादेश का चुनाव है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार आने पर महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होने हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।













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