डेस्क : तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक परिस्थितियाँ लगातार उलझती जा रही हैं। अभिनेता से राजनेता बने विजय और उनकी पार्टी के सत्ता दावे पर राज्यपाल की ओर से सख्त रुख अपनाया गया है। जानकारी के अनुसार, राज्यपाल ने दूसरी बार मुलाकात के बाद भी सरकार गठन की अनुमति नहीं दी और स्पष्ट रूप से 118 विधायकों के समर्थन के हस्ताक्षर प्रस्तुत करने को कहा है।
राज्यपाल ने मांगा स्पष्ट बहुमत का प्रमाण
सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल का कहना है कि केवल दावे या समर्थन की मौखिक घोषणा के आधार पर सरकार गठन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्थिर सरकार के लिए विधानसभा में स्पष्ट और सिद्ध बहुमत आवश्यक है।
इसी आधार पर विजय को 118 विधायकों के समर्थन का लिखित प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है, तभी आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
दूसरी बार भी नहीं मिला समाधान
विजय ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार राजभवन जाकर सरकार गठन का दावा पेश किया, लेकिन इस बार भी उन्हें सकारात्मक संकेत नहीं मिला। राज्यपाल ने अपनी पूर्व की शर्त दोहराते हुए कहा कि पहले आवश्यक संख्या में विधायकों का समर्थन सुनिश्चित किया जाए।
राजनीतिक हलचल तेज
इस घटनाक्रम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। एक ओर विजय समर्थक इसे लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि बहुमत सिद्ध किए बिना सरकार गठन का दावा संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।
राज्य में अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या विजय आवश्यक समर्थन जुटा पाएंगे या सरकार गठन की प्रक्रिया और लंबी खिंचती जाएगी।













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