डेस्क : भारत अपनी रणनीतिक रक्षा क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) देश की सबसे उन्नत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-6 के परीक्षण की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
सूत्रों के अनुसार, अग्नि-6 की मारक क्षमता 10,000 किलोमीटर से अधिक होने की संभावना है। इस मिसाइल में एमआईआरवी (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक के उपयोग की बात भी सामने आ रही है, जिसके माध्यम से एक ही मिसाइल से एक साथ कई अलग-अलग लक्ष्यों को भेदा जा सकता है।
डीआरडीओ इस परियोजना पर तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है, जबकि अंतिम परीक्षण और आगे की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार की औपचारिक मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, अग्नि श्रृंखला की यह संभावित नई मिसाइल मौजूदा क्षमताओं से कहीं अधिक उन्नत होगी और इसमें आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदने की क्षमता विकसित की जा रही है। यह भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है।













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