कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने पांच नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सराहना की और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन बयानों को संगठन विरोधी गतिविधि और अनुशासनहीनता माना गया है। टीएमसी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि पार्टी लाइन से हटकर किसी भी प्रकार का सार्वजनिक बयान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नोटिस में संबंधित नेताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है। पार्टी का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणियां संगठन की छवि और एकता को प्रभावित करती हैं, इसलिए इन्हें गंभीरता से लिया गया है।
बताया जा रहा है कि जिन नेताओं को नोटिस जारी किया गया है, उन्होंने हाल ही में विभिन्न मंचों पर भाजपा की कुछ नीतियों या नेतृत्व की प्रशंसा की थी, साथ ही अभिषेक बनर्जी को लेकर भी टिप्पणी की थी, जिसे पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीन माना।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टीएमसी का यह कदम संगठन के भीतर अनुशासन बनाए रखने और एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश देने की रणनीति का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच लगातार बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच यह कार्रवाई और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पार्टी की ओर से कहा गया है कि जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं।













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