डेस्क : दिल्ली हाई कोर्ट ने राजधानी की तीन झुग्गी बस्तियों को हटाने का आदेश देते हुए निवासियों को 15 दिन के भीतर क्षेत्र खाली करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को हटाना कानूनसम्मत कार्रवाई है, बशर्ते प्रभावित लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाए।
मामला लोक कल्याण मार्ग और एयरफोर्स स्टेशन के निकट स्थित भाई राम कैंप, डीआईडी कैंप और मस्जिद कैंप से जुड़ा है। इन बस्तियों को हटाने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि झुग्गी निवासियों को पुनर्वास योजना के तहत वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। अदालत ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास स्थल पर पानी, स्वच्छता, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
केंद्र सरकार की ओर से अदालत में दलील दी गई कि ये बस्तियां प्रधानमंत्री आवास और सक्रिय एयरफोर्स स्टेशन के बेहद करीब स्थित हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं उत्पन्न होती हैं। सरकार ने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करना आवश्यक है।
वहीं, याचिकाकर्ताओं ने पुनर्वास स्थल सवदा घेवर्रा को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि नया स्थान उनके रोजगार और बच्चों की पढ़ाई से काफी दूर है, जिससे आजीविका प्रभावित होगी। हालांकि अदालत ने कहा कि पुनर्वास की व्यवस्था होने के बाद अवैध कब्जा जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अदालत को बताया गया कि अब तक कई परिवारों को फ्लैट आवंटित किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में लोग वहां स्थानांतरित भी हो चुके हैं। कोर्ट ने शेष पात्र निवासियों को दस्तावेज सत्यापन के बाद शीघ्र आवास ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

