डेस्क : भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज—राहुल द्रविड़ और रविचंद्रन अश्विन—एक नई अंतरराष्ट्रीय टी–20 लीग से जुड़ने के बाद चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इस परियोजना में द्रविड़ को एक फ्रेंचाइज़ी के सह-मालिक के रूप में और अश्विन को टीम के संभावित कप्तान व मार्गदर्शक की भूमिका में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार यह फ्रेंचाइज़ी यूरोपियन टी–20 लीग का हिस्सा होगी, जहां भारतीय क्रिकेट से जुड़े अनुभवी नामों की भागीदारी को लेकर उत्साह का माहौल है। द्रविड़ की भूमिका मुख्यतः टीम निर्माण, संरचना और दीर्घकालिक रणनीति तक सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है, जबकि मैदान पर नेतृत्व की जिम्मेदारी अश्विन के कंधों पर हो सकती है।
भूमिका को लेकर असमंजस और चर्चाएँ तेज़
क्रिकेट हलकों में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या मालिक की भूमिका निभा रहे द्रविड़ टीम के क्रिकेटीय फैसलों में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करेंगे या फिर पूरी तरह स्वतंत्र रूप से कप्तान अश्विन को कार्य करने देंगे।
द्रविड़ अपनी शांत और योजनाबद्ध नेतृत्व शैली के लिए जाने जाते हैं। भारतीय क्रिकेट में बतौर कोच उनका रिकॉर्ड युवा खिलाड़ियों को अवसर देने और टीम संस्कृति को मजबूत करने का रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि वे इस नई जिम्मेदारी में भी एक मार्गदर्शक की भूमिका में रह सकते हैं।
वहीं अश्विन, जो अपनी रणनीतिक सोच और मैच के दौरान सूक्ष्म निर्णय लेने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं, इस नई भूमिका में टीम के मैदान पर नेतृत्व की धुरी बन सकते हैं।
क्रिकेट से आगे बढ़ता निवेश और विकास मॉडल
यह परियोजना केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे यूरोप में क्रिकेट के विस्तार और नए बाजार तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसमें कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और निवेशक भी जुड़े हुए हैं।












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