स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 क्रिकेट के तेजी से बदलते स्वरूप में जहां बल्लेबाज लगातार आक्रामक होते जा रहे हैं, वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने गेंदबाजों को स्पष्ट संदेश दिया है कि उन्हें भी अपने खेल में निरंतर सुधार करना होगा।
राहुल द्रविड़ ने कहा कि टी20 प्रारूप में बल्लेबाजों ने अपनी तकनीक और शॉट चयन में जबरदस्त बदलाव किया है, जिससे रन बनाने की गति पहले से कहीं अधिक हो गई है। ऐसे में गेंदबाजों के लिए केवल पारंपरिक कौशल पर्याप्त नहीं रह गया है।
उन्होंने माना कि पिछले कुछ वर्षों में बल्लेबाजों का विकास गेंदबाजों की तुलना में अधिक तेज रहा है। बल्लेबाज नई-नई तकनीकों और स्ट्रोक्स के साथ मैदान पर उतर रहे हैं, जबकि गेंदबाजों को उसी स्तर पर खुद को ढालने की जरूरत है।
द्रविड़ के अनुसार टी20 क्रिकेट में सफलता के लिए गेंदबाजों को विविधता, रणनीति और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रारूप में हर मैच नई चुनौती लेकर आता है, जहां एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि द्रविड़ का यह बयान मौजूदा टी20 क्रिकेट की वास्तविकता को दर्शाता है, जहां बल्लेबाजों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है और गेंदबाजों को प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए लगातार नवाचार करना आवश्यक हो गया है।












मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

