नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा है कि भारत दुनिया की कुल आबादी का लगभग एक-छठा हिस्सा है, लेकिन वैश्विक समस्याओं का उतना बड़ा हिस्सा भारत से नहीं जुड़ा है। उन्होंने यह टिप्पणी यूरोप यात्रा के दौरान भारत को लेकर उठे सवालों के जवाब में दी।
उन्होंने कहा कि भारत एक विशाल और विविधतापूर्ण लोकतंत्र है, जहाँ हर नागरिक को समान अधिकार और अवसर प्राप्त हैं। भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी देता है।
सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत को अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मानवाधिकारों और प्रेस स्वतंत्रता को लेकर सवालों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि भारत में लोकतांत्रिक संस्थाएँ मजबूत और सक्रिय हैं। उन्होंने भारत के लोकतंत्र को “शोरगुल वाला लोकतंत्र” बताते हुए कहा कि यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है, जहाँ हर आवाज को अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने स्वतंत्रता के बाद ही महिलाओं को मतदान का अधिकार देकर समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था। इसके अलावा उन्होंने देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में विभिन्न धर्म और समुदाय सदियों से साथ-साथ रहते आए हैं।
अल्पसंख्यकों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय उनकी आबादी लगभग 11 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 20 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है, जो भारत की समावेशी सामाजिक संरचना को दर्शाता है।
सिबी जॉर्ज ने जोर देकर कहा कि भारत एक ऐसा लोकतंत्र है जहाँ हर नागरिक को न्यायालय तक पहुँच और अपने अधिकारों की रक्षा का पूरा अवसर प्राप्त है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।













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