नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकता से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के पासपोर्ट रखने वाले आवेदकों के लिए नई शर्तें लागू कर दी हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले ऐसे लोगों को अपना विदेशी पासपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से सरेंडर करना होगा।
गृह मंत्रालय ने नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 के तहत यह प्रावधान जोड़ा है। नए नियमों के अनुसार नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को यह स्पष्ट जानकारी देनी होगी कि उसके पास पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान का वर्तमान अथवा पूर्व पासपोर्ट है या नहीं। यदि आवेदक के पास इन देशों का पासपोर्ट पाया जाता है, तो भारतीय नागरिकता मिलने के बाद उसे 15 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारियों के पास जमा करना होगा।
सरकार ने कहा है कि भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता, इसलिए नागरिकता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिनमें कुछ लोग भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के बाद भी विदेशी पासपोर्ट अपने पास रखे हुए थे।
नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को पासपोर्ट सरेंडर करने संबंधी लिखित घोषणा भी देनी होगी। इसके साथ ही संबंधित डाक अधीक्षक या वरिष्ठ डाक अधीक्षक को विदेशी पासपोर्ट सौंपने की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है।
केंद्र सरकार ने हाल के समय में नागरिकता और ओसीआई प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में भी कई कदम उठाए हैं। अब आवेदन, सत्यापन और दस्तावेजी प्रक्रिया को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाए जा सकें।













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