डेस्क : बिहार की राजनीति में एक बार फिर जन सुराज पार्टी और उसके संस्थापक प्रशांत किशोर चर्चा के केंद्र में हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में 238 सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बावजूद एक भी सीट न जीत पाने वाली पार्टी अब उपचुनाव की सियासी जंग में उतरने की तैयारी कर रही है।
पार्टी सूत्रों और हालिया बयानों के अनुसार जन सुराज पार्टी ने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में उतरने का फैसला किया है। यह सीट भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई है।
प्रशांत किशोर ने साफ कहा है कि बांकीपुर जैसी सीट, जिसे भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है, वहां उनकी पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी। उनका दावा है कि बिहार में केवल जन सुराज पार्टी ही भारतीय जनता पार्टी को उसके गढ़ में चुनौती देने की क्षमता रखती है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि यह उपचुनाव केवल एक सीट का नहीं, बल्कि बिहार की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर जनता के मूड का परीक्षण होगा। प्रशांत किशोर लगातार यह दावा कर रहे हैं कि राज्य में बदलाव की जरूरत है और जनता को एक नया राजनीतिक विकल्प चाहिए।
हालांकि पिछले चुनावी प्रदर्शन में जन सुराज पार्टी का खाता नहीं खुल पाया था, लेकिन प्रशांत किशोर अब संगठन विस्तार और जमीनी स्तर पर अभियान को और मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। पार्टी का फोकस अब उन सीटों पर है जहां भाजपा और एनडीए की पकड़ मजबूत मानी जाती है।
बांकीपुर सीट को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं और उपचुनाव की औपचारिक घोषणा के बाद बिहार की सियासत में मुकाबला और तेज होने की संभावना है।













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