डेस्क : पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले ने अब एक नया और गंभीर रूप ले लिया है। इस संवेदनशील घटना को लेकर चल रहे भारी बवाल के बीच दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई जनकपुरी थाने में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत की गई है।
दरअसल, यह पूरा मामला उस समय राजनीतिक अखाड़े में बदल गया जब सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्कूल प्रशासन और स्थानीय तंत्र पर मामले को रफा-दफा करने का बड़ा आरोप लगाया। ‘आप’ नेता ने दावा किया कि पीड़ित बच्ची को स्कूल के बेसमेंट में ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन के कुछ रसूखदार लोगों से राजनीतिक संबंध हैं, जिसके चलते शुरुआती स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश की गई। भारद्वाज ने इस घटना पर चुप्पी साधने वाले विपक्षी नेताओं पर भी तीखे सवाल उठाए थे।
दूसरी ओर, सौरभ भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद दिल्ली की सियासत में उबाल आ गया है। इस बीच, आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल परिसर के बाहर लगातार तीसरे दिन भी जोरदार हंगामा और प्रदर्शन किया, जिसके कारण सुरक्षा के लिहाज से स्कूल को अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मुख्य मामले की जांच तेजी से चल रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में सख्त कानूनी कदम उठा रहे हैं और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुख्य आरोपी को मिली जमानत को उच्च अदालत में चुनौती देने की पूरी तैयारी कर चुके हैं।













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