वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक फोन कॉल के दौरान नेतन्याहू को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान ट्रंप ने लेबनान पर इजरायली हमलों को लेकर जमकर गुस्सा निकाला, जिसके चलते ईरान के साथ चल रही बातचीत खतरे में पड़ गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले तत्काल रोकने की मांग करते हुए ट्रंप ने नेतन्याहू को पागल कह दिया। उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू को जेल जाने से बचने के लिए उनका अहसानमंद होना चाहिए।
नेतन्याहू पर भड़के ट्रंप
मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि नेतन्याहू से फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘तुम बिल्कुल पागल हो। अगर मैं न होता, तो तुम अब तक जेल में होते। मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूं। अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। तुम्हारी वजह से हर कोई इजरायल से भी नफरत करता है।”
इस बातचीत से परिचित एक दूसरे सूत्र ने बताया कि ट्रंप फोन कॉल पर पूरी तरह गुस्से में थे। एक समय उन्होंने नेतन्याहू पर चिल्लाते हुए पूछा, तुम आखिर कर क्या रहे हो? अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप को इस बात की जानकारी है कि हिजबुल्लाह लगातार इजरायल पर हमले कर रहा है और यरुशलम को जवाब देने का अधिकार है। लेकिन ट्रंप का मानना है कि हाल के दिनों में इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने जरूरत से ज्यादा जवाबी कार्रवाई की है।
इजरायल ने खतरे में डाली ईरान से वार्ता
वॉशिंगटन में इस बात को लेकर चिंता है कि इजरायल की कार्रवाई ने ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने की वॉशिंगटन की कोशिशों को खतरे में डाल दिया है, क्योंकि तेहरान ने समझौते के लिए लेबनान में युद्धविराम को एक शर्त के तौर पर रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू पर पूरी तरह से दबाव बनाए रखा और नेतन्याहू ने बस ‘ठीक है, ठीक है’ कहते रहे।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि उन्होंने ही उन्हें जेल जाने से बचाया है। यह इशारा ट्रंप की उस बार-बार की सार्वजनिक मांग की ओर था, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से प्रधानमंत्री को माफी देने की अपील की थी। यह अपील प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मुकदमे को लेकर की गई थी।
ईरान ने बातचीत रोकने का किया था ऐलान
इसके पहले सोमवार को लेबनान पर इजरायली हमलों के विरोध में ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत रोक दी थी। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने सोमवार को कहा कि तेहरान की बातचीत करने वाली टीम लेबनान पर हमलों की वजह से अमेरिका के साथ मीडिएटर के जरिए मैसेज का लेन-देन रोक रही है।
ईरानी न्यूज एजेंसी ने कहा कि ईरान और रजिस्टेंस फ्रंट (जिसमें यमन, लेबनान और इराक में उसके शिया साथी शामिल हैं) ने इजरायल और उसके समर्थकों को सजा देने के लिए होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से ब्लॉक करने और बाब अल मंदेब स्ट्रेट समेत दूसरे फ्रंट्स को सक्रिय करने का एजेंडा बनाया है। बॉब अल मंदेब एक अहम शिपिंग चोकपॉइंट और पतला रास्ता है, जो स्वेज कैनाल की ओर समुद्री ट्रैफिक को नियंत्रित करता है।













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