लखनऊ :उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति को गति देने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट गंगा’ को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस परियोजना के तहत अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य परिवर्तन आयोग (एसटीसी) और हिंदुजा समूह की सहायक कंपनी वन ओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड (ओआईएल) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करना और इंटरनेट सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाना है।
परियोजना के अंतर्गत न्याय पंचायत स्तर पर लगभग 8,000 से 10,000 स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) के रूप में विकसित किया जाएगा। ये उद्यमी गांवों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और अन्य डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराएंगे, जिससे इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राज्य सरकार का अनुमान है कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं और उद्यमिता से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
परियोजना का विशेष फोकस ग्रामीण, अर्ध-शहरी, आकांक्षी तथा सीमावर्ती जिलों पर रहेगा, जहां डिजिटल कनेक्टिविटी अभी अपेक्षाकृत कमजोर है। सरकार का मानना है कि बेहतर इंटरनेट सुविधा से ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, ई-गवर्नेंस, डिजिटल कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
‘प्रोजेक्ट गंगा’ को उत्तर प्रदेश में डिजिटल समावेशन और तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो गांवों और कस्बों को डिजिटल भारत के लक्ष्य से और अधिक मजबूती से जोड़ेगी।













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