कोलकाता : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आ गई। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की मौजूदगी में आयोजित एक बैठक के दौरान टीएमसी नेता कुणाल घोष और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच तीखी नोकझोंक होने की खबर है। विवाद उस समय बढ़ गया जब कुणाल घोष ने कथित तौर पर कहा, “मैं पार्टी का प्रवक्ता हूं, आपका निजी सहायक (पीए) नहीं।”
सूत्रों के अनुसार, पार्टी की संगठनात्मक समीक्षा और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद उभर आए। बताया जाता है कि बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से की गई एक टिप्पणी पर कुणाल घोष ने आपत्ति जताई और तीखी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस पहले से ही आंतरिक असंतोष, संगठनात्मक फेरबदल और विभिन्न नेताओं के बीच बढ़ती खींचतान से जूझ रही है। हाल ही में पार्टी नेतृत्व ने कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव किए हैं, जिन्हें संगठन पर नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद अब बंद कमरों तक सीमित नहीं रह गए हैं। पिछले कुछ दिनों में कई वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक टिप्पणियों और संगठनात्मक विवादों ने टीएमसी की आंतरिक चुनौतियों को उजागर किया है।
हालांकि, पार्टी की ओर से इस कथित विवाद पर कोई औपचारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। टीएमसी नेतृत्व लगातार यह दावा करता रहा है कि संगठन एकजुट है और सभी मतभेदों को पार्टी मंच पर सुलझाया जाएगा।













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