डेस्क : उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने एक बार फिर करवट लेना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग के ताज़ा अनुमान के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में 21 जून तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है। इस दौरान बादलों की आवाजाही, हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं।
राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले दिनों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। बीच-बीच में हल्की बारिश की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ समय के लिए तेज हवाएँ चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ मौसम अचानक बदल सकता है। हालांकि सबसे बड़ी राहत यह है कि अधिकतम तापमान अब 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश के मौसम में भी बदलाव के संकेत स्पष्ट हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है, लेकिन उमस और गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जो धीरे-धीरे मानसून की दिशा और गति को भी प्रभावित कर सकती है।
बिहार के कई जिलों में भी अगले कुछ दिनों के भीतर बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। ग्रामीण और खुले क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलाव का असर अधिक महसूस किया जा सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में बन रही यह मौसमी स्थिति सामान्य प्री-मानसून प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि अभी किसी बड़े मौसम अलर्ट या गंभीर चेतावनी की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन वातावरण में अचानक परिवर्तन की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने खास तौर पर खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों, यात्रियों और किसानों को मौसम की बदलती स्थिति पर नजर रखने की अपील की है, क्योंकि तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।













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