नई दिल्ली : कतर के रास लफ्फान औद्योगिक क्षेत्र स्थित गैस सुविधा में हुए भीषण विस्फोट में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है। भारत सरकार ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि यह बेहद दुखद घटना है, जिसमें कुल 12 भारतीयों की जान गई है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में विभिन्न देशों के कई अन्य नागरिक भी हताहत हुए हैं और लगभग 66 लोग घायल हुए हैं, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं। प्रवक्ता के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि कतर की स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और पार्थिव शरीरों को भारत लाने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं पर काम किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा, “हम स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि मृतकों की पहचान और उनके पार्थिव शरीरों को भारत भेजने की व्यवस्था की जा सके। हम पीड़ित परिवारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।”
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि रास लफ्फान औद्योगिक क्षेत्र में हुए विस्फोट में भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की मृत्यु और घायल होने की खबर से वे अत्यंत दुखी हैं।
भारत में स्थित कतर दूतावास के अनुसार, रविवार रात हुए इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। दूतावास ने बताया कि कतर प्रशासन के अनुसार घायलों की हालत स्थिर है और उन्हें समुचित उपचार दिया जा रहा है।
कतर एनर्जी ने अपने बयान में पुष्टि की है कि इस विस्फोट में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि 66 लोग उपचाराधीन हैं। कंपनी ने कहा कि मृतकों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं, जबकि घायलों में कतर, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, केन्या, घाना, तंजानिया, नाइजीरिया और नेपाल के नागरिक हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह एक तकनीकी दुर्घटना थी और इसमें किसी प्रकार की तोड़फोड़ या हमले के संकेत नहीं मिले हैं। कतर एनर्जी के अनुसार, बरज़ान गैस सुविधा में उत्पादन दिसंबर 2025 से रखरखाव के कारण अस्थायी रूप से बंद था और हाल ही में इसे दोबारा शुरू किया गया था।
कतर के गृह मंत्रालय ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि यह हादसा संचालन के दौरान तकनीकी खराबी के कारण हुआ। मंत्रालय ने कहा कि आपातकालीन टीमों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था और सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी प्रकार के गैस रिसाव का पता नहीं चला है, जिससे आसपास के क्षेत्र या लोगों को कोई खतरा हो।
फिलहाल इस पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है ताकि विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।













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