डेस्क : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी अंदरूनी विद्रोह के बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने एक बार फिर संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यसमिति और पदाधिकारियों की नई सूची तैयार कर चुनाव आयोग को भेज दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पार्टी के भीतर एक अलग गुट ने भी नेतृत्व पर दावा ठोक दिया है, जिससे राजनीतिक संकट गहरा गया है।
पार्टी सूत्रों और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, संशोधित संगठनात्मक सूची चुनाव आयोग को सौंप दी गई है और टीएमसी ने दोहराया है कि ममता बनर्जी ही पार्टी की वैध और मौजूदा प्रमुख हैं।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब कुछ विधायकों और सांसदों के एक समूह ने कथित तौर पर अलग गुट बनाकर खुद को “असली टीएमसी” का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया। इस कदम के बाद संगठनात्मक ढांचे और नेतृत्व को लेकर टकराव खुलकर सामने आ गया।
इसके जवाब में ममता बनर्जी खेमे ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संगठन में कई पदाधिकारियों को हटाने और नए नामों को शामिल करने का फैसला किया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सभी आधिकारिक निर्णय और चुनाव आयोग से संवाद वैध संगठनात्मक ढांचे के तहत ही किए जा रहे हैं, जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति टीएमसी के लिए हाल के वर्षों की सबसे गंभीर अंदरूनी चुनौतियों में से एक बन गई है, जहां दोनों गुट पार्टी की वैधता और नियंत्रण को लेकर आमने-सामने हैं।
अब चुनाव आयोग दोनों पक्षों से प्राप्त दावों की जांच कर यह तय करेगा कि पार्टी का आधिकारिक और मान्य संगठनात्मक ढांचा किसे माना जाएगा।













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