डेस्क : प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने एक बार फिर लद्दाख से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की है। वांगचुक ने कहा है कि लद्दाख के लोगों की संवैधानिक मांगों, शिक्षा सुधार और क्षेत्रीय अधिकारों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आंदोलन जरूरी है।
जानकारी के अनुसार, यह कदम लद्दाख में लंबे समय से चल रही राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा प्रावधान और स्थानीय अधिकारों से जुड़ी मांगों के समर्थन में उठाया गया है। वांगचुक पहले भी कई बार इसी तरह की भूख हड़ताल और पैदल यात्राओं के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं।
उनका कहना है कि लद्दाख के पर्यावरण, संस्कृति और शिक्षा व्यवस्था पर तेजी से हो रहे बदलावों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है, और इन मुद्दों पर ठोस समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और गांधीवादी तरीके से किया जाएगा।
वांगचुक का नाम पहले भी कई बड़े आंदोलनों और पर्यावरण संरक्षण अभियानों से जुड़ चुका है। वे लद्दाख में शिक्षा सुधार के लिए प्रसिद्ध संस्था SECMOL के संस्थापक भी हैं।
इस घोषणा के बाद लद्दाख के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है।













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